भारत-मलयेशिया संबंधों को नई ऊंचाई, सुरक्षा से सेमीकंडक्टर तक हुए बड़े समझौते  पीएम मोदी के मलयेशिया दौरे से रणनीतिक साझेदारी और मजबूत

खबर की तहतक ✍️

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मलयेशिया दौरा भारत-मलयेशिया संबंधों के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है। इस यात्रा के दौरान सुरक्षा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और व्यापार समेत कई अहम क्षेत्रों में समझौते और घोषणाएं की गईं। विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने कुआलालंपुर में प्रेस वार्ता कर इस यात्रा का विस्तृत सार साझा किया।

पी. कुमारन ने बताया कि यह यात्रा इसलिए विशेष है क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 की आधिकारिक यात्रा के लगभग एक दशक बाद हो रही है। वर्ष 2015 में दोनों देशों के रिश्तों को “बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया गया था, जिसे अब और व्यापक रूप दिया गया है।

द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा

प्रेस वार्ता में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी और मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें—

व्यापार और निवेश

रक्षा एवं सुरक्षा

सेमीकंडक्टर और डिजिटल टेक्नोलॉजी

फिनटेक और नवीकरणीय ऊर्जा

शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और पर्यटन

लोगों के बीच संपर्क

जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।

भारत-मलयेशिया के बीच हुए प्रमुख समझौते

इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) और नोट्स का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें प्रमुख हैं—

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग

आपदा प्रबंधन में सहयोग

भ्रष्टाचार से निपटने के लिए भारत और मलयेशिया की एजेंसियों के बीच सहयोग

स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग

व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET)

संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों में सहयोग

ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण समझौता

भारत और मलयेशिया के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदों के बीच सुरक्षा सहयोग

अहम घोषणाएं भी हुईं

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कई अहम घोषणाएं कीं—

मलयेशिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास की स्थापना

यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में तिरुवल्लुवर सेंटर की स्थापना

मलयेशियाई छात्रों के लिए तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति

भारत-मलयेशिया के बीच डिजिटल भुगतान और यूपीआई लिंक को आगे बढ़ाने पर सहमति

प्रवासी भारतीय बने रिश्तों की मजबूत कड़ी

करीब 29 लाख भारतीय मूल के लोग मलयेशिया में रहते हैं, जिन्हें दोनों देशों के बीच “जीवंत सेतु” बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कुआलालंपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया, जहां साझा सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इस आयोजन में 800 से अधिक कलाकारों की प्रस्तुति ने मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाया।

रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद पर दो टूक संदेश

दोनों प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद पर कोई समझौता और दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्य समूह और सुरक्षा संवाद लगातार जारी रहेंगे।

पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा

वर्ष 2025 में 14 लाख भारतीय पर्यटक मलयेशिया गए, जबकि करीब 3 लाख मलयेशियाई पर्यटकों ने भारत की यात्रा की। हवाई संपर्क बढ़ाने और नए रूट शुरू करने पर भी सहमति बनी है, जिससे पर्यटन और व्यापार को और गति मिलेगी।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी का मलयेशिया दौरा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है। सुरक्षा से लेकर सेमीकंडक्टर और डिजिटल भुगतान तक हुए समझौते आने वाले वर्षों में भारत-मलयेशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे।

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