प्रतापपुर चमुर्खा (कटेहरी), अंबेडकरनगर।

ग्राम करदासपुर इस वर्ष एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक महोत्सव का साक्षी बना, जहाँ परम पूज्य श्री गोविंद देव शास्त्री जी महाराज (काशी वाराणसी) के दिव्य सान्निध्य में श्रीमद्भागवत महापुराण कथाज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। सात दिवसीय इस कथा महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, ज्ञान और सद्भाव की अनोखी ऊर्जा से आलोकित कर दिया।

 

 

 

🚩 शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे विशाल एवं शोभायमान कलश यात्रा से हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मातृशक्ति, युवा, बच्चे और वृद्ध शामिल हुए। हरिनाम संकीर्तन से मार्ग गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।

 

 

 

🕉️ पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से अमृतमयी कथा

 

सायंकाल 3 बजे से पूज्य गुरु श्री गोविंद देव शास्त्री जी महाराज द्वारा कथा का शुभारंभ किया गया। सात दिनों तक चलने वाली इस कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बाललीलाएँ, गोवर्धन लीला, उद्धव-गीता, रुक्मिणी विवाह, परीक्षित उपाख्यान सहित कई दिव्य प्रसंगों ने हजारों भक्तों को आत्मिक आनंद से अभिभूत किया।

 

 

 

📿 वैदिक अनुष्ठानों में विद्वान ब्राह्मणों का योगदान

 

आयोजन के वैदिक कर्मकांड और मंत्रोच्चार को पवित्रता प्रदान करने में

आचार्य दया शंकर मिश्रा जी सहित विद्वान ब्राह्मणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मुख्य यजमानों — श्री सुनील कुमार पाल, श्री पवन पाल और श्री दिलीप पाल — का ग्रामवासियों के साथ मिलकर किया गया आदर-सत्कार विशेष सराहना का विषय बना।

 

 

 

👨‍👩‍👧‍👦 परिवार और बच्चों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ

 

परिवार के सदस्यों — कृष्णा, ओमपाल, श्रेया पाल, निधि पाल, गर्व पाल, कन्हा पाल और रुद्र पाल — ने तन-मन-धन से सेवा करते हुए पूरे आयोजन में अनुकरणीय समर्पण दिखाया।

 

 

 

🎤 व्यवस्था संचालन में सत्यम गोंड (DSD) रहे सक्रिय

 

पूरे आयोजन में मंच संचालन, पंडाल व्यवस्था, मीडिया समन्वय, भक्तों के मार्गदर्शन और अनुशासन बनाए रखने में संचालक सत्यम गोंड (DSD) की भूमिका अत्यंत उल्लेखनीय रही। उनकी सतर्क उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी सुचारु व भव्य बनाया।

 

 

 

🙏 प्रतिदिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

 

कथा स्थल पर प्रतिदिन हजारों भक्त उपस्थित होकर भक्ति रस में डूबते रहे। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक, विशिष्ट अतिथि और सम्मानित समाजसेवी निरंतर कथा श्रवण हेतु पहुँचते रहे और पूज्य गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करते रहे।

 

 

 

🍛 अंतिम दिवस पर हुआ भव्य महाप्रसाद भंडारा

 

अंतिम दिन आयोजित विशाल महाप्रसाद भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों द्वारा की गई सेवा ने सभी का हृदय जीत लिया।

 

 

 

🌼 आयोजन ने भक्ति, एकता और सद्भाव का नया इतिहास रचा

 

श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि

सामाजिक एकजुटता, प्रेम, सांस्कृतिक विरासत, सेवा-भाव और आध्यात्मिक चेतना का अनोखा संगम बनकर क्षेत्र की ऐतिहासिक परंपरा में स्वर्णिम अध्याय जोड़ गई।

पूज्य श्री गोविंद देव शास्त्री जी महाराज की दिव्य उपस्थिति ने संपूर्ण वातावरण को ज्योतिर्मय बना दिया और भक्तों के हृदयों पर भक्ति की अमिट छाप छोड़ दी।

By Admin

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