वेब पोर्टल: खबर की तहतक पटना। राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) पर ई-रिक्शा का परिचालन नहीं होगा। परिवहन विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही सभी जिलों में जुगाड़ गाड़ियों के संचालन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। करीब 10 हजार किलोमीटर हाइवे पर लागू होगा आदेश परिवहन विभाग के निर्देश के अनुसार राज्य के 3617 किलोमीटर स्टेट हाईवे और 6389 किलोमीटर नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन बंद रहेगा। यानी कुल मिलाकर लगभग 10 हजार किलोमीटर हाइवे नेटवर्क पर यह प्रतिबंध प्रभावी होगा। पटना जिले में यह आदेश विशेष रूप से न्यू बाइपास बिहटा–सरमेरा रोड पटना–गया रोड फुलवारीशरीफ–दानापुर–बिहटा रोड पर लागू किया गया है। जुगाड़ गाड़ियों पर सख्ती परिवहन विभाग ने साफ किया है कि बिना पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा के चल रही जुगाड़ गाड़ियां मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन हैं। ऐसे वाहन तकनीकी रूप से असुरक्षित होते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जुगाड़ गाड़ियों का उपयोग यात्री और माल ढुलाई के लिए किया जा रहा है, जबकि इनमें— भरोसेमंद ब्रेक सिस्टम नहीं होता लाइट और संकेतक जैसे सुरक्षा उपकरण नहीं लगे होते तय मानकों के अनुसार निर्माण नहीं किया गया होता इसी कारण इन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है। क्यों जरूरी था यह फैसला परिवहन विभाग के अनुसार यह निर्णय यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है— तेज रफ्तार वाहनों से खतरा: हाईवे पर बसें, ट्रक और कारें तेज गति से चलती हैं, जबकि ई-रिक्शा धीमी गति के हल्के वाहन होते हैं। इससे टक्कर और जानमाल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। हाइवे के डिजाइन के अनुरूप नहीं: नेशनल और स्टेट हाईवे तेज गति और भारी वाहनों के लिए बनाए जाते हैं। ई-रिक्शा न तो पर्याप्त गति पकड़ पाते हैं और न ही अचानक ब्रेक या मोड़ को सुरक्षित ढंग से ले सकते हैं। मंत्री स्तर पर लिया गया निर्णय परिवहन मंत्री के स्तर से यह निर्देश जारी किए गए हैं और सभी डीटीओ को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबर की तहतक जनहित, कानून और सुरक्षा से जुड़ी हर बड़ी खबर — भरोसे के साथ Post navigation सिर्फ अपमानजनक भाषा का प्रयोग SC/ST एक्ट के तहत अपराध नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया यूपी में निजी स्कूलों की 25% सीटों पर RTE के तहत मिलेगा प्रवेश, 2 फरवरी से शुरू होंगे आवेदन