नई दिल्ली | खबर की तहतक | राष्ट्रीय डेस्क नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले लिखित आश्वासनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर धरना फिलहाल जारी रहेगा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच आज (24 जुलाई) दोपहर 12:30 बजे वार्ता प्रस्तावित है। इस बैठक को आंदोलन और सरकार के बीच समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के बड़े फैसले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा देते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की घोषणा की है। इसी क्रम में शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला किया गया। उनकी जगह नरेश गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव तथा टी.के. अनिल कुमार को शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया। जेपी नड्डा ने तुड़वाया अनशन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो भी मौजूद रहीं। अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा कि संभावित हिंसा और तनाव को टालने के लिए उन्होंने यह निर्णय लिया है। उनके अनुसार सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संवाद शुरू करने तथा अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। CJP बोली—धरना जारी रहेगा CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणाओं में जवाबदेही का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए कहा कि पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। राहुल गांधी ने साधा निशाना लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की। आज की बैठक पर टिकी निगाहें सरकार और CJP के बीच होने वाली वार्ता पर देशभर की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के परिणाम से आंदोलन की आगे की रणनीति और सरकार की अगली कार्रवाई तय हो सकती है। डिस्क्लेमर : खबर की तहतक यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, समाचार एजेंसियों एवं उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर प्रकाशित कर रहा है। समाचार में उल्लिखित सभी बयान संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों के हैं। किसी भी दावे, आरोप या राजनीतिक टिप्पणी की स्वतंत्र पुष्टि खबर की तहतक द्वारा नहीं की गई है। यदि संबंधित पक्ष अपना आधिकारिक पक्ष या स्पष्टीकरण देना चाहता है, तो उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation मया बाजार में मोबाइल टॉवर पर चढ़ा व्यक्ति, दर्ज मुकदमे में कार्रवाई न होने का लगाया आरोप; पुलिस ने शुरू किया समझाने का प्रयास प्रेम प्रसंग बना पति की मौत की वजह! चाय में जहर मिलाकर रची गई हत्या की साजिश, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार