खबर की तहतक उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने 20 जुलाई से 23 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा, मेघगर्जन, वज्रपात और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना जताते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार सोमवार को प्रदेश के लगभग 60 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। विभाग ने नागरिकों, किसानों और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने अंबेडकरनगर, अयोध्या, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच सहित कई जिलों में अति भारी वर्षा की संभावना व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, प्रतापगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, कानपुर नगर, झांसी, ललितपुर सहित अनेक जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मेघगर्जन और वज्रपात से रहें सावधान मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। पूरे सप्ताह ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का सबसे अधिक असर रहेगा। 24 जुलाई से भारी बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है, लेकिन 26-27 जुलाई तक हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। अब तक सामान्य से कम बारिश प्रदेश में 1 जून से 20 जुलाई तक लगभग 204.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 266.2 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। यानी अब तक प्रदेश में करीब 23 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। डिस्क्लेमर यह समाचार भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) एवं मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मौसम की परिस्थितियां समय और स्थान के अनुसार बदल सकती हैं। ‘खबर की तहतक’ पाठकों से अपील करता है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। Post navigation जवाहर भवन में लगी आग से मचा हड़कंप, दमकल की टीम ने पाया काबू; किसी के हताहत होने की सूचना नहीं सिद्ध पीठ श्री सिद्धेश्वर धाम में 25 जुलाई को चातुर्मास एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन