खबर की तहतक संवाददाता- बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सरकंडा थाना क्षेत्र के बाल संप्रेषण गृह में चौकीदार की हत्या के चर्चित मामले में पुलिस को पहली बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश राठिया के रूप में हुई है। उससे पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेषण गृह में तैनात चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे (40) पर चार आरोपियों ने कथित रूप से हमला कर दिया। आरोप है कि पहले चौकीदार के साथ मारपीट की गई, उसके बाद उसके हाथ-पैर बांध दिए गए। इसके बाद गला दबाने और मुंह में गमछा ठूंसने से उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी अपने पुराने अपराध किशोर अवस्था में कर चुके थे, लेकिन घटना के समय वे बालिग हो चुके थे। इसी कारण उन्हें बाल संप्रेषण गृह की ‘प्ले सेफ सेफ्टी यूनिट’ में रखा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। डिस्क्लेमर: यह समाचार पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी एवं उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध होना शेष है और अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। “खबर की तहतक” किसी भी व्यक्ति को न्यायालय के निर्णय से पूर्व दोषी घोषित नहीं करता। यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है तो समाचार को आवश्यकतानुसार अद्यतन किया जाएगा। Post navigation अंतरजनपदीय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार; लाखों के जेवर और ₹1.40 लाख नकद बरामद कूड़े का कहर! तिरंगा चौराहा बना दुर्गंध का अड्डा, लोगों का जीना हुआ मुश्किल