खबर की तहतक जलालपुर, अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर के जलालपुर कस्बे में जमालपुर चौराहे से अकबरपुर जाने वाले मार्ग के उत्तरी किनारे निर्माणाधीन नाली की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है, लेकिन इसकी दीवारों में झुकाव और अन्य तकनीकी खामियां दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाली की दक्षिणी दीवार को सहारा देने के लिए कई स्थानों पर बल्लियां लगाई गई हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद दीवार अंदर की ओर झुकती नजर आ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि यह सहारा न दिया गया होता तो दीवार के क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शटरिंग के जोड़ों वाले स्थानों पर दीवारें असमान दिखाई दे रही हैं। उनका कहना है कि जहां सामान्य रूप से दीवार की मोटाई लगभग 5 से 6 इंच प्रतीत होती है, वहीं कुछ स्थानों पर यह काफी कम दिखाई दे रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कई स्थानीय लोगों ने बताया कि नाली से पानी का रिसाव उनके मकानों की ओर हो रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में गंदा पानी घरों तक पहुंच सकता है, जिससे मकानों की नींव कमजोर होने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता ने बताया कि मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा निर्माण कार्य को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। स्थानीय लोगों को अब तकनीकी जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह मामला सार्वजनिक धन से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर सकता है। डिस्क्लेमर यह समाचार स्थानीय नागरिकों द्वारा व्यक्त की गई शिकायतों, मौके पर प्राप्त जानकारी तथा लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी के आधिकारिक बयान के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित निर्माण संबंधी आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं। “खबर की तहतक” निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं देता। मामले की वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच एवं सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित विभाग अथवा कार्यदायी संस्था का कोई अतिरिक्त पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। Post navigation ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से गूंजा रेडियंट अकादमी, छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स ने लगाया हरियाली का संकल्प बिजली बिल में गड़बड़ी और धन मांगने का आरोप: उपभोक्ता ने मीटर रीडर के खिलाफ अधिशासी अभियंता से की शिकायत