खबर की तहतक | रायपुर/छत्तीसगढ़ रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने खुद को भारत सरकार का अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी पहचान पत्र, एडिट किए गए फोटो और नकली दस्तावेजों के सहारे लोगों का विश्वास जीतकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (29 वर्ष), निवासी जिला बक्सर (बिहार) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में अमलेश्वर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) में रह रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब गुरु नारायण नामक व्यक्ति ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले ट्रेन में उसकी मुलाकात आरोपी से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताते हुए सरकारी विभागों में नौकरी, ट्रांसफर और मनचाही पोस्टिंग कराने का भरोसा दिलाया तथा इसके बदले लाखों रुपये की मांग की। बाद में आरोपी द्वारा अलग-अलग विभागों के फर्जी पहचान पत्र और संदिग्ध दस्तावेज दिखाए जाने पर शिकायतकर्ता को संदेह हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित संयुक्त पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह फर्जी पहचान पत्रों और एडिट किए गए फोटो का उपयोग कर खुद को केंद्रीय अधिकारी बताता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकद राशि तथा ठगी में प्रयुक्त कार बरामद की है। आरोपी ने अपनी कार पर भी “भारत सरकार” लिखवा रखा था ताकि लोगों पर प्रभाव डाला जा सके। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की है। फिलहाल आरोपी से रिमांड पर पूछताछ जारी है और पुलिस को इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों के खुलासे की भी उम्मीद है। रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर नौकरी, ट्रांसफर या अन्य सरकारी कार्य कराने का दावा करता है, तो उसकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। डिस्क्लेमर (Disclaimer) खबर की तहतक यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी एवं सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर प्रकाशित कर रहा है। समाचार में उल्लिखित आरोप जांच के अधीन हैं। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक भारतीय कानून के अनुसार निर्दोष माना जाता है। मामले की विवेचना जारी है तथा आगे आने वाले आधिकारिक तथ्यों के आधार पर समाचार को आवश्यकतानुसार अद्यतन किया जाएगा। Post navigation नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में हुई बैठक, ‘सरल एप’ के उपयोग पर कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण दतिया बीजेपी में बगावत! नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का उग्र प्रदर्शन, पथराव में एसपी समेत 6 घायल, NH-44 पर 15 किमी लंबा जाम