खबर की तहतक | अम्बेडकरनगर अम्बेडकरनगर जनपद के बसखारी-अकबरपुर मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस बार महमूदपुर चक फरीदपुर निवासी एक महिला की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, स्टाफ और एक आशा कार्यकर्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं तथा हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। मृतका की पहचान सुमन (पत्नी पंकज) के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि गर्भपात की प्रक्रिया के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण उनकी मौत हुई। वहीं क्षेत्र में यह मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार इसी परिसर से जुड़े अस्पताल पर पूर्व में भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। परिजनों के अनुसार सुमन लगभग चार माह की गर्भवती थीं और उनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी में चल रहा था। आरोप है कि एक आशा कार्यकर्ता ने कम खर्च में गर्भपात कराने का भरोसा देकर उन्हें संबंधित निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां दवा देने के बाद 4 जुलाई को ऑपरेशन किया गया। मृतका के भाई संजय यादव का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सीय लापरवाही हुई, जिससे लगातार रक्तस्राव और असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले न्यू सिटी हॉस्पिटल, फिर अकबरपुर के नितिन हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर बताते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया। बाद में लखनऊ रेफर किए जाने के उपरांत महामाया मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान 7 जुलाई को उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल संचालक, चिकित्सकीय स्टाफ तथा कथित रूप से मामले में शामिल आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो एक और परिवार को यह दुखद दिन नहीं देखना पड़ता। इस मामले में बसखारी थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप विधिक कार्रवाई की जाएगी। डिस्क्लेमर : यह समाचार उपलब्ध शिकायत, परिजनों के आरोपों तथा पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार में लगाए गए सभी आरोप संबंधित पक्षों के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि “खबर की तहतक” द्वारा नहीं की गई है। मामला वर्तमान में जांचाधीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेख, पुलिस विवेचना एवं सक्षम न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी अथवा दोष तय माना जाएगा। यदि संबंधित अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता अथवा कोई अन्य पक्ष अपना आधिकारिक पक्ष या स्पष्टीकरण देना चाहता है, तो “खबर की तहतक” उसे प्रमुखता के साथ प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं विधिसम्मत पत्रकारिता करना है। Post navigation सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर पुलिस का स्पष्टीकरण, पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक के व्यवहार को लेकर दी जानकारी डबल मर्डर से थर्राया पवई थाना क्षेत्र, हेवती गांव में देर रात डबल मर्डर से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी; हत्यारे की तलाश तेज