राम मंदिर चढ़ावा कथित गबन प्रकरण: आरोपियों के ठिकानों से नकदी, अमेरिकी डॉलर, सोना-चांदी बरामद; जांच में सामने आए नए तथ्य

खबर की तहतक | विशेष रिपोर्ट

अयोध्या।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन एवं धन के दुरुपयोग के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों पर की गई तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद होने का दावा जांच एजेंसियों ने किया है। बरामदगी के बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान आरोपियों के पास से निम्नलिखित बरामदगी हुई—

अविनाश शुक्ला के घर से लगभग ₹20.39 लाख नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम सोना तथा 159 ग्राम चांदी बरामद होने का दावा किया गया है।

करुणेश पांडेय के यहां से लगभग ₹18.07 लाख नकद बरामद किए जाने की बात कही गई है।

अनुकल्प मिश्रा के ठिकाने से करीब ₹16.82 लाख नकद मिलने का दावा किया गया है।

लवकुश मिश्रा के पास से लगभग ₹14.25 लाख नकद बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

रामाशंकर मिश्रा के यहां से करीब ₹7.32 लाख नकद बरामद किए जाने का दावा किया गया है।

रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से लगभग ₹1 लाख नकद मिलने की बात सामने आई है।

सुभाष श्रीवास्तव के संबंध में पुलिस ने बताया है कि उनके यहां से कोई नकदी बरामद नहीं हुई, हालांकि मामले में उनकी कथित भूमिका की जांच जारी है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक करीब ₹77 लाख से अधिक नकदी, अमेरिकी डॉलर, सोना-चांदी के आभूषण तथा अन्य सामान बरामद किया जा चुका है। इसके अलावा एक कथित ‘रामराज्य कोष’ दान पेटी और उससे जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और संपत्तियों की भी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कथित रूप से गबन की गई राशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

डिस्क्लेमर:

समाचार पुलिस, एसआईटी तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित बरामदगी एवं आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। यह मामला वर्तमान में जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक सक्षम न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी सिद्ध न कर दे। ‘खबर की तहतक’ का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक एवं जनहित से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करना है, किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना या उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं। जांच अथवा न्यायालय के आदेश के आधार पर यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो समाचार को तदनुसार अद्यतन किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Call Now Button