बेज़ुबानों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म — राम कृष्ण उपाध्याय

खबर की तहतक ✍️

राम कृष्ण उपाध्याय ने बेज़ुबान जानवरों के प्रति दया और संवेदनशीलता का संदेश देते हुए एक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के बाहर गली-मोहल्लों के कुत्तों, बिल्लियों और अन्य बेसहारा जानवरों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करें।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बेज़ुबान जानवर भूख और प्यास से तड़पते हैं। ऐसे में एक रोटी और थोड़ा सा पानी भी उनके लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

राम कृष्ण उपाध्याय ने कहा कि पशु सेवा केवल शौक नहीं बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा,

“जो वफ़ा इन बेज़ुबानों में है, वो अक्सर इंसानों में नहीं मिलती। इनकी सेवा करके हम न केवल पुण्य कमाते हैं बल्कि समाज में दया और मानवता का संदेश भी फैलाते हैं।”

अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने उनके प्रयासों की सराहना की। कई युवाओं ने प्रतिदिन जानवरों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने का संकल्प भी लिया।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा—

“मंदिर-मस्जिद में दान देने से पहले एक बार उस बेज़ुबान की तरफ भी देख लें जो आपकी चौखट पर भूखा बैठा है। उसका पेट भरना ही सच्ची इबादत है।”

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