खबर की तहतक ✍️ लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर प्रदेशभर में कई चिकित्साधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत पांच चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने, एक मुख्य चिकित्साधिकारी समेत कई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच बैठाने तथा वेतनवृद्धि रोकने जैसे आदेश जारी किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार लंबे समय से बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और चिकित्सकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें गोरखपुर, कुशीनगर, बलरामपुर, अमेठी और औरैया में तैनात चिकित्साधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अम्बेडकरनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा पर निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण प्रक्रिया में अनियमितता बरतने, शासनादेशों के उल्लंघन तथा पद के दुरुपयोग के आरोप पाए गए हैं। मामले की प्राथमिक जांच में शिकायतों की पुष्टि होने के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की बात सामने आई है। इसी क्रम में हरदोई, प्रयागराज, सुल्तानपुर, मथुरा, बदायूं, खीरी, वाराणसी, संभल और अन्य जिलों में तैनात कई चिकित्साधिकारियों पर भी विभागीय जांच और अनुशासनिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी मिली है। कुछ मामलों में प्रसूताओं से वसूली, गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने, निजी प्रैक्टिस करने, अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण न रखने और अमर्यादित व्यवहार जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ चिकित्साधिकारियों की वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकी गई हैं, जबकि कुछ को परिनिंदा दंड भी दिया गया है। वहीं एक चिकित्साधिकारी की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर उन्हें मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजे जाने की भी सूचना है। स्वास्थ्य विभाग में हुई इस बड़ी कार्रवाई को सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल तेज हो गई है। डिस्क्लेमर: यह खबर सूत्रों और उपलब्ध प्रशासनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। ‘खबर की तहतक’ वेब पोर्टल इस संबंध में जारी आदेशों एवं आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation सांसद-विधायकों के सम्मान को लेकर यूपी सरकार सख्त, अधिकारियों के लिए नया प्रोटोकॉल जारी खाद्य पदार्थों की जांच के बीच बढ़ा विवाद, व्यापारियों ने पुलिस बल की मौजूदगी पर उठाए सवाल