खबर की तह तक | वेब पोर्टल रिपोर्ट

अम्बेडकर नगर।

जनपद में बहुचर्चित स्नेहा हत्याकांड ने उस समय एक और सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब इस मामले में नामजद आरोपी सौरभ गौड़ ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सौरभ ने आत्महत्या से पहले अपनी पैंट पर ही एक कथित सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए लिखा—

“मैंने स्नेहा को नहीं मारा, उसके मोबाइल की डिटेल देखिए…”

इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद न केवल पुलिस बल्कि आमजन के बीच भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जिस आरोपी को पुलिस जांच में मुख्य कड़ी माना जा रहा था, उसकी मौत ने पूरे केस को और अधिक रहस्यमयी बना दिया है।

सुसाइड नोट बना जांच का अहम आधार

सूत्रों के अनुसार, सौरभ का शव मिलने के बाद पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही, नोट में उल्लेखित स्नेहा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और चैट्स को दोबारा खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि स्नेहा की हत्या के समय किन-किन लोगों से उसकी बातचीत हुई थी और अंतिम संपर्क किससे था।

आत्महत्या या साजिश?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ की मौत वास्तव में आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई और साजिश छिपी है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। सौरभ की आत्महत्या से जुड़े हर बिंदु को स्नेहा हत्याकांड की मूल जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।

परिजनों की मांग

वहीं, स्नेहा के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सौरभ के सुसाइड नोट ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब सामने आना बेहद जरूरी है।

फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और स्नेहा हत्याकांड से जुड़े इस नए घटनाक्रम ने पूरे जनपद में सनसनी फैला दी है।

खबर की तह तक वेब पोर्टल इस मामले से जुड़े हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।

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