खबर की तहतक ✍️ नई दिल्ली। अभिनेता से नेता बने और मक्कल नीधि मय्यम (एमएनएम) प्रमुख कमल हासन ने बुधवार को राज्यसभा में चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए कमल हासन ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की। कमल हासन ने अपने भाषण में कहा कि मतदान का मूल अधिकार ही अब जांच के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम वोट डालना चाहते हैं, लेकिन आयोग हमारे वोट देने के अधिकार की जांच कर रहा है। लोगों को वर्तनी और पते को लेकर जांच का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें अक्सर गलतियां होती हैं।” बिहार का जिक्र करते हुए दी चेतावनी एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कमल हासन ने कहा, “बिहार कई ज़िंदा मुर्दों की भूमि बन गया है और हम नहीं चाहते कि यह बीमारी पूरे देश में फैले।” उन्होंने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान कई मामलों में जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर दिया गया, जिसके चलते उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। इस मुद्दे को उन्होंने बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल कमल हासन ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इस समस्या को और बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग निश्चित रूप से इस बिहार वाली बीमारी के प्रसार को सुविधाजनक बना रहा है।” उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को “जीवित मृतकों की स्पेल-चेक कहानी” बताते हुए कहा कि मामूली त्रुटियों—जैसे नाम की वर्तनी या पते में छोटी गलती—को अयोग्यता का आधार बनाया जा रहा है। तमिलनाडु चुनाव से जोड़ा मुद्दा कमल हासन ने इस पूरे मामले को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह समस्या अन्य राज्यों में भी फैल सकती है। उन्होंने मताधिकार की रक्षा को लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। Post navigation अम्बेडकरनगर पुलिस को बड़ी सफलता, मोबाइल रिकवरी सेल ने 111 गुमशुदा मोबाइल किए बरामद US–भारत ट्रेड डील का असर: अमेरिकी काजू-पिस्ता-बादाम और सेब होंगे सस्ते, अनाज पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव