गन्ना समिति बलरामपुर के चेयरमैन ने प्रदेशीय बैठक में उठाई किसानों की आवाज

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

गन्ना मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने की पुरजोर मांग, बढ़ती लागत और महंगाई का दिया हवाला

लखनऊ।

आगामी पेराई सत्र 2026-27 को लेकर बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को गन्ना आयुक्त कार्यालय, लखनऊ में गन्ना मूल्य निर्धारण सहित किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ गन्ना विभागीय अधिकारी, विभिन्न चीनी मिलों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड, बलरामपुर के अध्यक्ष रणवीर सिंह रन्नू ने भी प्रतिभाग किया। उन्होंने बैठक में किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी।

बढ़ती लागत के बीच उचित मूल्य की मांग

अध्यक्ष रणवीर सिंह रन्नू ने कहा कि वर्तमान समय में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और कृषि कार्यों से जुड़े अन्य खर्चों में वृद्धि के कारण किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

ऐसे में गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ₹600 प्रति क्विंटल का गन्ना मूल्य भी किसानों की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कम है, फिर भी किसानों के हित में इस मूल्य की मांग को मजबूती से रखा गया है।

बैठक में गन्ने के मूल्य को ₹600 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग पर चर्चा हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मांग पर सकारात्मक चर्चा हुई तथा टेस्को की ओर से भी इस पर सहमति व्यक्त किए जाने की बात कही गई।

किसान हित सर्वोपरि : रणवीर सिंह रन्नू

गन्ना समिति के अध्यक्ष रणवीर सिंह रन्नू ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए उचित गन्ना मूल्य बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ₹600 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग को प्रदेशीय स्तर पर मजबूती से उठाना हमारा निरंतर प्रयास है।

बैठक में अपर गन्ना आयुक्त (प्रशासन), अपर गन्ना आयुक्त (समितियां), अपर गन्ना आयुक्त (क्रय) सहित गन्ना मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न चीनी मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

किसानों को अब मूल्य निर्धारण का इंतजार

प्रदेशीय बैठक में ₹600 प्रति क्विंटल की मांग उठाए जाने के बाद अब गन्ना किसानों की नजर आगामी पेराई सत्र 2026-27 के आधिकारिक गन्ना मूल्य निर्धारण पर टिकी है। किसानों को उम्मीद है कि बढ़ती कृषि लागत को ध्यान में रखते हुए उनके हित में निर्णय लिया जाएगा।

खबर की तहतक के लिए विशेष रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Call Now Button