पवई पावर हाउस पर किसानों का सत्याग्रह, 11 दिन से बिजली संकट का आरोप

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – अनिल यादव

अघोषित बिजली कटौती और विभागीय लापरवाही के खिलाफ किसानों ने उठाई आवाज, 24 घंटे में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी

आजमगढ़।

पवई क्षेत्र में कथित अघोषित बिजली कटौती और विद्युत व्यवस्था में लापरवाही के विरोध में रविवार को पूर्वांचल किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने पवई पावर हाउस पर सत्याग्रह किया। सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले सत्याग्रह में किसानों ने विद्युत विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और लंबे समय से खराब विद्युत लाइन को दुरुस्त कराने की मांग उठाई।

पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में आयोजित सत्याग्रह के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि पवई ब्लॉक के मिल्कीपुर गांव में बिजली का खंभा और तार टूटने के कारण करीब 11 दिनों से लगभग एक दर्जन परिवार बिजली संकट से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

किसान नेता वीरेंद्र यादव ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पवई क्षेत्र में बिजली की कथित अनियमित आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली आने-जाने का कोई स्पष्ट शेड्यूल ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण कृषि कार्य, ट्यूबवेल संचालन और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि सरकारी स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक बिजली आपूर्ति के दावे किए जाते हैं, जबकि उनके क्षेत्र में वास्तविक आपूर्ति अपेक्षाकृत कम होने का आरोप है।

सत्याग्रह के दौरान किसानों ने मांग की कि मिल्कीपुर गांव में टूटे खंभे और तार को तत्काल दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए तथा पवई पावर हाउस से होने वाली बिजली आपूर्ति का शेड्यूल सार्वजनिक किया जाए।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वर्तमान सत्याग्रह को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदलने का निर्णय लिया जा सकता है। किसानों ने कहा कि आगे की स्थिति के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सत्याग्रह में रामपाल गोंड, विकास सिंह, राम प्रकाश यादव, संजय सिंह, रामाज्ञा सिंह, चंद्र प्रकाश यादव, विपिन यादव, कमलेश सिंह, सूरज सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।

डिस्क्लेमर :

इस समाचार में विद्युत विभाग के संबंध में लगाए गए आरोप संबंधित किसान नेता एवं प्रदर्शन में शामिल किसानों के कथित बयानों पर आधारित हैं। “खबर की तहतक” इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। विद्युत विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दे को सामने रखना है।

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