बिसुई नदी में तैरते मिले पशुओं के कटे हुए सिर! नारायणपुर घाट पर मचा हड़कंप

खबर की तहतक | अम्बेडकरनगर

अम्बेडकरनगर।

थाना महरुआ और थाना भीटी की सीमा पर स्थित नारायणपुर घाट के पास बिसुई नदी में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब नदी में कुछ पशुओं के कटे हुए सिर जैसे अवशेष तैरते दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई और दोनों थानों की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।

पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को करीब 11:30 बजे PRV के माध्यम से नदी में पशुओं के अवशेष दिखाई देने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर थाना महरुआ एवं थाना भीटी पुलिस मौके पर पहुंची और नदी से तैर रहे अवशेषों को बाहर निकलवाया।

बताया गया कि अवशेष कई दिन पुराने होने के कारण सड़-गल चुके थे, जिसके चलते उनकी स्पष्ट पहचान मौके पर नहीं हो सकी। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया और आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई कराई गई।

पुलिस का कहना है कि प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर थाना भीटी पुलिस द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नदी में ये अवशेष किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है।

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी भीटी श्री लक्ष्मीकान्त मिश्रा द्वारा भी जानकारी दी गई है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

घटना ने नदी और उसके आसपास की सुरक्षा तथा वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

खबर की तहतक अपने पाठकों तक संवेदनशील घटनाओं की जानकारी तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक जानकारी एवं मौके पर की गई कार्रवाई के आधार पर तैयार किया गया है। नदी से बरामद अवशेष कई दिन पुराने एवं सड़े-गले होने के कारण उनकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। घटना के कारण, अवशेषों की वास्तविक प्रकृति तथा जिम्मेदार व्यक्ति/व्यक्तियों के संबंध में अभी जांच जारी है। किसी व्यक्ति या समुदाय पर आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। उपलब्ध तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगी। इसलिए पाठकों से अपील है कि अपुष्ट जानकारी, अफवाह अथवा किसी व्यक्ति/समुदाय को दोषी ठहराने वाली सामग्री प्रसारित न करें। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं विधिक प्रक्रिया के आधार पर ही माना जाएगा।

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