खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क परिवार के भरण-पोषण, आर्थिक सहायता, रोजगार और बच्चों की शिक्षा को लेकर रखीं मांगें; अधिकारियों के आश्वासन के बाद दाह संस्कार के लिए तैयार हुए परिजन जलालपुर, अंबेडकरनगर। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के पेठिया हलिमपुर गांव में मजदूर धीरेंद्र सागर की मौत के बाद बुधवार देर शाम उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों के भविष्य को लेकर परिजनों ने प्रशासन के समक्ष सहायता की मांग रखी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उप जिलाधिकारी जलालपुर मधुमिता सिंह ने परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद अधिकारियों और परिजनों के बीच करीब चार घंटे तक मान-मनौव्वल और बातचीत का दौर चलता रहा। मौके पर क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार नौहवार, प्रभारी क्षेत्राधिकारी आलापुर, जलालपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह यादव, कटका थानाध्यक्ष अक्षय पटेल तथा जैतपुर थानाध्यक्ष प्रेमचंद सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। परिवार के भविष्य को लेकर उठाई मदद की मांग परिजनों ने प्रशासन के सामने मृतक के परिवार के भरण-पोषण, आर्थिक सहायता, रोजगार तथा बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। परिजनों का कहना था कि धीरेंद्र सागर परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भरण-पोषण को लेकर प्रशासनिक सहयोग आवश्यक है। मांगों को लेकर काफी देर तक अधिकारियों और परिजनों के बीच बातचीत होती रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पात्रता के आधार पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन दाह संस्कार के लिए तैयार हुए। करीब चार घंटे तक चले मान-मनौव्वल के बाद स्थिति सामान्य हुई और प्रशासन की मौजूदगी में दाह संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए हरसंभव वैधानिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। डिस्क्लेमर : यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी और मौके से संबंधित विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है। परिजनों द्वारा रखी गई मांगों तथा प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन की स्वतंत्र पुष्टि खबर की तहतक द्वारा नहीं की गई है। सरकारी सहायता पात्रता और लागू नियमों के अधीन होती है। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या प्रशासनिक अधिकारी के पक्ष अथवा विपक्ष में धारणा बनाना नहीं, बल्कि घटना एवं संबंधित पक्षों की बात को तथ्यात्मक और निष्पक्ष रूप से सामने रखना है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित युवक गिरफ्तार SC-ST राहत राशि के संभावित दुरुपयोग पर हाईकोर्ट सख्त, पूरे यूपी में जांच के निर्देश