खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क कटका पुलिस की कार्रवाई, 19 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया अंबेडकरनगर। किसी नाबालिग की सुरक्षा से जुड़ा मामला परिवार के लिए सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि चिंता, भय और मानसिक पीड़ा का दौर भी होता है। ऐसे ही एक मामले में थाना कटका पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के आरोप से संबंधित मुकदमे में वांछित 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, थाना कटका क्षेत्र की एक महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 98/2026 में धारा 137(2), 87, 65(1) बीएनएस तथा धारा ¾(2) पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में वांछित राणा प्रताप उर्फ अंकुल (करीब 19 वर्ष) निवासी ग्राम कोरझा, थाना कटका, जनपद अंबेडकरनगर को 10 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:45 बजे गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। न्यायालय के समक्ष किया गया प्रस्तुत पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय एवं जांच प्रक्रिया के अनुसार होगी। अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंबेडकरनगर सुश्री प्राची सिंह के निर्देशन में अपराध की रोकथाम एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी डॉ. तेजवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी जलालपुर अनूप कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष कटका अक्षय कुमार पटेल के निर्देशन में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक दाराशंकर यादव और हेड कांस्टेबल साबिर अली शामिल रहे। नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन गंभीर विषय नाबालिग से संबंधित मामलों में उसकी पहचान, फोटो, नाम, पता या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित करना उचित नहीं है जिससे उसकी पहचान उजागर हो। खबर की तहतक की ओर से भी नाबालिग की निजता और गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया है। खबर की तहतक — तथ्य के साथ, जिम्मेदारी के साथ। डिस्क्लेमर: यह समाचार अंबेडकरनगर पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर की तहतक द्वारा नहीं की गई है। गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक कानून की दृष्टि में निर्दोष माना जाता है। अंतिम दोषसिद्धि या निर्दोषता का निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation तहसीलदार की कुर्सी पर भरभराकर गिरी छत, बाल-बाल बची जान दाह संस्कार से पहले मांगों को लेकर अड़े परिजन, चार घंटे चला मान-मनौव्वल