खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क रिपोर्ट – विशेष संवाददाता सुल्तानपुर सुल्तानपुर। सुबह मां-बाप ने जिस मासूम बेटी को स्कूल की ड्रेस पहनाकर पढ़ने के लिए भेजा था, उन्हें क्या पता था कि दोपहर तक उनके घर की खुशियां मातम में बदल जाएंगी। जिस उम्र में नन्हे हाथों में किताबें और आंखों में भविष्य के सपने होने चाहिए, उसी उम्र में एक मासूम की जिंदगी अचानक थम गई। नगर कोतवाली क्षेत्र के सौरमऊ स्थित यश कॉन्वेंट स्कूल से जुड़ा बताया जा रहा यह मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूल गई करीब 9 वर्षीय छात्रा माहिरा पुत्री अकबर अली, निवासी नेकराही गांव, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, माहिरा रोज की तरह स्कूल गई थी। दोपहर में स्कूल की ओर से उसकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिजन घबराए हुए अस्पताल की ओर दौड़े। लेकिन वहां पहुंचते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस बच्ची को बचाने की उम्मीद लेकर परिवार अस्पताल पहुंचा था, वहां उसकी जिंदगी की कहानी खत्म हो चुकी थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ बच्ची को जिला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बच्ची के शव को अस्पताल में छोड़कर स्कूल से जुड़े लोग मौके से चले गए। मासूम की मौत की खबर और अस्पताल में उसके शव को कथित रूप से छोड़कर चले जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। सूचना पर सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह और प्रभारी कोतवाल आलोक धीमान मौके पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर स्कूल में बच्ची के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई? अस्पताल तक उसे कौन लेकर पहुंचा? चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित करने से पहले क्या स्थिति देखी? और परिजनों को बच्ची की मौत की जानकारी किस परिस्थिति में दी गई? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मासूम की मौत ने एक परिवार को ऐसा दर्द दे दिया है, जिसकी भरपाई शायद जिंदगी भर नहीं हो सकेगी। जिस घर में बेटी के स्कूल से लौटने का इंतजार था, वहां अब उसकी किताबें, स्कूल ड्रेस और मासूम यादें ही रह गई हैं। मामले में पुलिस जांच जारी है और मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। डिस्क्लेमर: इस समाचार में यश कॉन्वेंट स्कूल एवं उससे जुड़े लोगों के संबंध में जो बातें कही गई हैं, वे उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी तथा परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है। बच्ची की मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं पुलिस जांच के बाद ही होगी। समाचार में किसी व्यक्ति अथवा स्कूल प्रबंधन को दोषी घोषित नहीं किया जा रहा है। जांच पूरी होने तक सभी संबंधित पक्षों का पक्ष एवं कानूनी रूप से निर्दोष माने जाने का अधिकार सुरक्षित है। समाचार का उद्देश्य घटना की जानकारी देना और जांच से जुड़े तथ्यों को सामने रखना है, किसी व्यक्ति, संस्था या विद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation सड़क नहीं तो वोट नहीं! बदहाल रास्ते ने बढ़ाया ग्रामीणों का गुस्सा, चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों को दी चेतावनी हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला मानदेय, डीएम ने उठाया सख्त कदम