खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क संवाददाता – पुनीत दूबेआलापुर (अंबेडकरनगर)।किसी गांव की पहचान उसकी तस्वीरों से नहीं, बल्कि वहां तक पहुंचने वाली सड़क से होती है। लेकिन विधानसभा क्षेत्र आलापुर के ग्राम पंचायत धरमपुर कर्मतीपुर में बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए वर्षों से परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क की दुर्दशा से नाराज ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की और सड़क निर्माण की मांग उठाई। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260907-WA0029.mp4 प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि गांव की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी चुनाव में वे “रोड नहीं तो वोट नहीं” का निर्णय लेने को मजबूर होंगे।गड्ढे, पत्थर और बदहाल रास्ता बना मुसीबतग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पहुंचने वाला रास्ता लंबे समय से जर्जर हालत में है। जगह-जगह उखड़े पत्थर और गड्ढों के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि खराब रास्ते के कारण आए दिन लोग फिसलकर गिरते हैं और घायल होते हैं।ग्रामीणों के मुताबिक, दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता विशेष रूप से जोखिम भरा हो गया है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं रहता।मरीजों और बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी परेशानीग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली का सबसे गंभीर असर मरीजों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी परेशानी होती है। ऐसे में मरीज को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली देरी कभी-कभी चिंता को और बढ़ा देती है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी मूलभूत सुविधा है। बावजूद इसके लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।प्रार्थना पत्र दिए, फिर भी नहीं बनी सड़क—ग्रामीणों में नाराजगीग्रामीणों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर पूर्व सांसद प्रवीण निषाद और वर्तमान आलापुर विधायक को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि शिकायत और मांग के बावजूद अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी, जिससे उनका आक्रोश बढ़ गया है।अब विरोध-प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचने की कोशिश की है।“समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन होगा तेज”ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सड़क की वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द निर्माण या मरम्मत कार्य कराया जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आगामी चुनाव में “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा कितना असर दिखाएगा, यह तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल बदहाल सड़क ने ग्रामीणों की नाराजगी को सड़क पर जरूर ला दिया है।खबर की तहतक की पड़ताल का सवाल:जब गांव की सड़क मरीज की जिंदगी, बुजुर्ग की राह और बच्चों के भविष्य से जुड़ी हो, तो क्या उसका समाधान चुनावी वादे तक सीमित रहना चाहिए? ग्रामीण अब जवाब और सड़क—दोनों की मांग कर रहे हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation पीछे से आई मौत की रफ्तार ने बाइक को मारी टक्कर, सड़क पर बिखर गई जिंदगी… दंपती और मासूम गंभीर स्कूल गई मासूम की घर वापसी नहीं हुई… यश कॉन्वेंट की छात्रा की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप