नाली के विवाद ने उजाड़ दिया परिवार… नवजात की किलकारी के बीच उठी पिता की अर्थी, युवक की मौत से गांव में मचा हड़कंप

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – अनिल यादव

पवई, आजमगढ़।

एक तरफ घर में नवजात बच्चे के जन्म की खुशियां थीं, तो दूसरी तरफ महज एक दिन बाद उसी घर में मातम पसर गया। जिस परिवार में बच्चे की किलकारी गूंज रही थी, वहां अब चीख-पुकार सुनाई दे रही है। मामला पवई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चकिया बखरिया का है, जहां नाली और जमीन के विवाद को लेकर हुई मारपीट में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई।

मृतक की पहचान हरिओम पांडेय (30), पुत्र वीरेंद्र पांडेय निवासी चकिया बखरिया के रूप में हुई है।

नाली के विवाद ने लिया खूनी रूप

जानकारी के मुताबिक हरिओम पांडेय का पड़ोसी रामलाल शर्मा से नाली को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार की सुबह इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।

परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान हरिओम का गला दबा दिया गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।

घटना के बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई लेकर पहुंचे। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद हरिओम को मृत घोषित कर दिया।

नवजात की खुशी के अगले ही दिन घर में छाया मातम

इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक की पत्नी रंजना ने घटना से ठीक एक दिन पहले वाराणसी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए एक पुत्र को जन्म दिया था।

एक दिन पहले जिस घर में बेटे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी घर में अगले ही दिन पिता की मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।

मृतक के दो पुत्र बताए जा रहे हैं। नवजात को शायद अभी यह भी नहीं मालूम कि दुनिया में आने के साथ ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटना के कारणों, मारपीट में शामिल लोगों तथा युवक की मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

वेब पोर्टल खबर की तहतक मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

डिस्क्लेमर:

यह खबर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी, परिजनों की ओर से बताए गए तथ्यों और घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गला दबाकर हत्या किए जाने का आरोप जांच का विषय है। किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने से पहले अपराधी या दोषी नहीं माना जाना चाहिए। मामले की वास्तविकता पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि जांच में तथ्यों में कोई परिवर्तन या आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो खबर को उसी के अनुसार अपडेट किया जाएगा।

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