खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 28 अगस्त की रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस ने पिकअप चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पिकअप चालक ने कथित तौर पर गुस्से में रोडवेज बस को जान से मारने की नीयत से टक्कर मारी थी। हादसे में रोडवेज बस चालक रजनीकान्त यादव और एक अज्ञात महिला की मौत हो गई थी, जबकि कई यात्री घायल हुए थे। घटना पवई थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 191 के पास हुई थी। पुलिस के अनुसार, पिकअप संख्या UP61AT1222 ने रोडवेज बस संख्या UP78JT0316 में टक्कर मारी, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर पिलर से जा टकराई। मामले में थाना पवई पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पिकअप चालक संतोष राजभर पुत्र रामआशीष राजभर, निवासी करीमुद्दीनपुर, गाजीपुर का नाम सामने आया। इलाज के बहाने पुलिस से बचने का आरोप पुलिस के मुताबिक, हादसे में घायल संतोष राजभर पहले सीएचसी अहरौला पहुंचा, जहां से उसे जिला अस्पताल आजमगढ़ रेफर किया गया। इसके बाद वह कथित तौर पर पुलिस से बचने के लिए गाजीपुर चला गया और वहां अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने लगा। पुलिस की पतारसी-सुरागरसी के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए पीजीआई जहानागंज, आजमगढ़ रेफर कराकर भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को रात 7:45 बजे उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में सामने आई गुस्से की कहानी पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रास्ते में रोडवेज बस के चालक, परिचालक और यात्रियों द्वारा कथित तौर पर उसे उल्टा-सीधा कहा गया, जिससे वह नाराज हो गया। पुलिस के अनुसार, इसी गुस्से में उसने किलोमीटर संख्या 191 के पास बस को कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से टक्कर मार दी। अगर पुलिस का यह दावा जांच में सही साबित होता है, तो यह महज सड़क हादसा नहीं बल्कि गुस्से में लिया गया ऐसा खतरनाक फैसला था, जिसकी कीमत यात्रियों और उनके परिवारों को अपनी जान से चुकानी पड़ी। एक पल का गुस्सा… एक खतरनाक फैसला… और दो परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास पुलिस के मुताबिक, संतोष राजभर के विरुद्ध हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 10 अभियोग दर्ज हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव, कांस्टेबल राबिन सिंह, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार और कांस्टेबल पुष्कर सिंह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय के समक्ष किए जाने की बात कही है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य यह तय करेंगे कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और आरोपी की भूमिका किस हद तक साबित होती है। डिस्क्लेमर : यह खबर पुलिस द्वारा जारी जानकारी और पुलिस के दावों पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी। खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना नहीं है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation चार मासूमों की मौत ने पिता को तोड़ दिया… बोले- “मेरा सब कुछ चला गया, अब जीकर क्या करूंगा?” नगपुर अस्पताल जाने वाली सड़क बनी दर्द की राह, गड्ढों के बीच जिंदगी का सफर