नगपुर अस्पताल जाने वाली सड़क बनी दर्द की राह, गड्ढों के बीच जिंदगी का सफर

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

रिपोर्ट- राकेश विश्वकर्मा (लीगल ऐडवाइजर )

जलालपुर, अंबेडकरनगर

किसी बीमार व्यक्ति के लिए अस्पताल तक पहुंचने का हर मिनट कीमती होता है। लेकिन जब अस्पताल जाने वाली सड़क ही दर्द और जोखिम का रास्ता बन जाए, तो मरीज की तकलीफ और बढ़ जाती है। जलालपुर क्षेत्र में शंकर तिराहा (नगपुर मोड़) से मेयो हॉस्पिटल होते हुए नगपुर अस्पताल तक जाने वाली सड़क इन दिनों कुछ ऐसी ही तस्वीर पेश कर रही है।

सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है और बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। हालत देखकर सहज ही सवाल उठता है—सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क?

एंबुलेंस के लिए भी आसान नहीं यह रास्ता

यह कोई सामान्य संपर्क मार्ग नहीं है। इसी रास्ते से मरीज नगपुर अस्पताल तक पहुंचते हैं और एंबुलेंस का आवागमन भी होता है। सड़क की खराब स्थिति में अस्पताल पहुंचने की जल्दबाजी कई बार मरीज और तीमारदारों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकती है।

मेयो हॉस्पिटल के कारण भी इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क की बदहाली केवल राहगीरों की परेशानी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक सुरक्षित पहुंच से जुड़ा सवाल भी है।

निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों से भी सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगपुर अस्पताल का निरीक्षण करने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और सीएमओ स्तर के अधिकारी भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं। लोगों का सवाल है कि यदि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है तो निरीक्षण के दौरान यह समस्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आई?

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर अब तक प्रभावी स्तर पर मरम्मत की कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि, सड़क किस विभाग के अधीन है और मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है, इसका आधिकारिक स्पष्टीकरण संबंधित विभाग से लिया जाना अभी बाकी है।

आज गड्ढे हैं, कल हादसा न बन जाएं—डर यही है

सड़क पर गुजरते बुजुर्ग, बच्चे, बाइक सवार और मरीजों के साथ चलने वाले तीमारदार इस बदहाली के बीच सफर करने को मजबूर हैं। बारिश या रात के समय गड्ढों का अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो सकता है।

स्थानीय लोगों की चिंता साफ है—जब अस्पताल तक जाने वाला रास्ता ही सुरक्षित नहीं होगा तो मरीजों को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचाने का भरोसा कैसे कायम रहेगा?

‘गड्ढामुक्त सड़क’ के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल

प्रदेश में सड़कों को बेहतर और गड्ढामुक्त बनाने को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं। ऐसे में नगपुर अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाली सड़क की बदहाल तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है।

अब निगाहें जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन जलालपुर और संबंधित विभाग पर हैं कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा या उससे पहले ही इस दर्द भरी राह को राहत मिलेगी?

खबर की तहतक का सवाल सीधा है—

अस्पताल तक पहुंचने वाली सड़क अगर खुद मरीजों के लिए मुसीबत बन जाए, तो जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेगा?

डिस्क्लेमर:

यह खबर स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी और मौके की स्थिति के आधार पर तैयार की गई है। सड़क की जिम्मेदारी व संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति या विभाग पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनसमस्या को सामने लाना है।

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