खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क जलालपुर, अम्बेडकरनगर। सड़कें सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं होतीं, बल्कि गांवों और कस्बों को विकास, शिक्षा, रोजगार और जिंदगी से जोड़ने वाली जीवनरेखा होती हैं। लेकिन जब इसी जीवनरेखा पर खतरा मुंह बाए खड़ा हो जाए, तो सवाल सिर्फ सड़क की मरम्मत का नहीं, बल्कि राहगीरों की सुरक्षा का भी बन जाता है। दुदही, सूरजपुर धाम, बाबा बुद्धि बाजार सहित दर्जनों गांवों को जलालपुर कस्बे से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर नसोपुर पुल से पहले सड़क का एक हिस्सा बड़े गड्ढे में तब्दील हो गया है। सड़क की यह बदहाल तस्वीर रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के लिए परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी पैदा कर रही है। गड्ढे से बचकर निकलना बना मजबूरी स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर बने इस गड्ढे के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन, चार पहिया वाहन समेत स्कूली वाहन व स्कूली बच्चों को गड्ढे से बचने के लिए सड़क के किनारे से निकलने को मजबूर हैं। वहीं चार पहिया वाहन, स्कूली वाहन और अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही के बीच स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। सबसे बड़ी चिंता स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर है। दिन के समय तो राहगीर किसी तरह गड्ढे को देखकर अपना रास्ता निकाल लेते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में यही गड्ढा कहीं अधिक खतरनाक हो सकता है। आज गड्ढा है, कल हादसे की खबर न बन जाए सड़क पर मौजूद इस क्षतिग्रस्त हिस्से को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता साफ दिखाई देती है। उनका कहना है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते सड़क की मरम्मत करा दी जाए तो संभावित हादसे को टाला जा सकता है। ग्रामीणों की पीड़ा यह है कि जिस रास्ते से प्रतिदिन लोग अपने काम, बच्चों की पढ़ाई और जरूरी जरूरतों के लिए गुजरते हैं, उसी रास्ते पर उन्हें हर पल सावधानी और डर के बीच सफर करना पड़ रहा है। यह सवाल किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि संबंधित विभाग के सामने एक जरूरी जनसरोकार रखने का है—क्या किसी हादसे के बाद सड़क की मरम्मत होगी या उससे पहले ही इस खतरे को दूर कर दिया जाएगा? ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति को जल्द सुधारा जाए और आवश्यकता होने पर दुर्घटना से बचाव के लिए अस्थायी सुरक्षा संकेत भी लगाए जाएं। क्योंकि सड़क का एक गड्ढा महज मिट्टी और डामर की टूट-फूट नहीं होता—कभी-कभी यही छोटी सी लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ सकती है, जिसे फिर कोई मरम्मत भर नहीं सकती। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस जनसमस्या का संज्ञान कब लेता है और नसोपुर पुल के पहले राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने इस गड्ढे से कब राहत मिलती है। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260902-WA0009.mp4 डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी और मौके की बताई गई स्थिति पर आधारित है। सड़क की स्थिति एवं संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। किसी व्यक्ति या विभाग पर आरोप लगाने का उद्देश्य नहीं है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation अकबरपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा कथित शातिर वाहन चोर, दो चोरी की बाइक और चाकू बरामद जलालपुर में ललही छठ की धूम, संतान की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा व्रत