₹400 के खर्च पर कहासुनी के बाद महिला की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – अनिल यादव

फूलपुर-पवई, आजमगढ़।

महज कुछ सौ रुपये के खर्च को लेकर शुरू हुई कथित पारिवारिक कहासुनी ने आखिरकार एक परिवार को ऐसी त्रासदी के सामने खड़ा कर दिया, जिसका दर्द लंबे समय तक बना रहेगा। पवई थाना क्षेत्र के हमजापुर गांव में सोमवार देर रात 29 वर्षीय शशिकला यादव की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका अपने पीछे पांच वर्ष और एक वर्ष के दो मासूम बेटे छोड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, हमजापुर निवासी जयप्रकाश यादव की पत्नी शशिकला की करीब सात वर्ष पूर्व शादी हुई थी। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार रात घर में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबलाइजर की मरम्मत में हुए करीब ₹400 के खर्च को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी।

बताया गया कि पति जयप्रकाश का कहना था कि उपकरण परिवार के उपयोग का था, इसलिए उसकी मरम्मत कराना जरूरी था। वहीं, पत्नी की ओर से कथित तौर पर खर्च का कुछ हिस्सा परिवार के अन्य सदस्य से लेने की बात कही गई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।

हालांकि, ₹400 का खर्च ही महिला की मौत का वास्तविक कारण था, इसकी स्वतंत्र अथवा पुलिस स्तर पर पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह बात फिलहाल परिजनों और ग्रामीणों के कथनों के आधार पर सामने आई है। किसी घटना के पीछे मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियां और अन्य कारणों का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकता है।

रात में सामने आई दर्दनाक घटना

बताया गया कि देर रात जयप्रकाश की बहन अपने बेटे के लिए दूध लेने गई थी। वापस लौटने पर कमरे का दरवाजा बंद मिला। काफी प्रयास के बाद दरवाजा खुला तो शशिकला अचेत अवस्था में मिली। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

सूचना पर पहुंची पवई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष पवई के अनुसार, मृतका के पति जयप्रकाश यादव की ओर से लिखित तहरीर दी गई है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

चार सौ रुपये से बड़ा सवाल—रिश्तों में बढ़ता तनाव

चार सौ रुपये की रकम अपने आप में भले छोटी हो, लेकिन किसी परिवार में आर्थिक दबाव, आपसी मतभेद और भावनात्मक तनाव मिलकर परिस्थितियों को बेहद गंभीर बना सकते हैं। इस घटना में भी असली वजह क्या थी, यह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम के बाद सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा।

सबसे पीड़ादायक तस्वीर उन दो मासूम बच्चों की है, जिनके लिए मां का चले जाना किसी रकम या विवाद से कहीं बड़ा नुकसान है। किसी भी घरेलू विवाद को छोटा समझकर नजरअंदाज करना कभी-कभी बेहद भारी पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार पुलिस की प्रारंभिक जानकारी तथा परिजनों/ग्रामीणों के कथनों पर आधारित है। मौत के कारण की अंतिम पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। किसी दावे को अंतिम तथ्य न माना जाए।

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