खबर की तहतक | अम्बेडकरनगर ब्यूरो हंसवर/जलालपुर (अम्बेडकरनगर)। थाना हंसवर क्षेत्र में जमीनी विवाद से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन ने अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक किया है। क्षेत्राधिकारी जलालपुर द्वारा जारी बाइट के अनुसार मामला ग्राम ककरहिया का है, जहां भूमि सीमांकन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था। पुलिस के मुताबिक 25 जुलाई 2026 को पंकज साहू पुत्र रामअछैबर गुप्ता, निवासी ग्राम एवं पोस्ट हंसवर, द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र की जांच के लिए पुलिस टीम ग्राम ककरहिया पहुंची थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आवेदक ने अपनी पत्नी सरिता के नाम दर्ज गाटा संख्या 931/0.190 हेक्टेयर में से लगभग एक बिस्वा भूमि का बैनामा इन्दू सिंह पत्नी स्व. बृजेश सिंह, निवासी फतेहनूरपुर के पक्ष में कराया था। पुलिस ने बताया कि उक्त भूमि की पैमाइश 19 जून 2026 को राजस्व निरीक्षक, लेखपाल तथा पुलिस की उपस्थिति में कराई गई थी और सीमांकन के लिए पिलर/पत्थर स्थापित किए गए थे। आरोप है कि 25 जुलाई को विपक्षी पक्ष के महेन्द्र पुत्र कल्पू, उसकी पत्नी यशोदा तथा पुत्री चंदा द्वारा सीमांकन पिलर को क्षतिग्रस्त किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान विपक्षी पक्ष द्वारा बहस एवं अभद्र व्यवहार किया गया, जबकि महेन्द्र मौके से चला गया। बाद में महिला आरक्षी द्वारा यशोदा और चंदा को महिला हेल्प डेस्क लाया गया। पुलिस का कहना है कि महेन्द्र मिलने के बाद सभी को समझा-बुझाकर उनके पुत्र सोम के सुपुर्द कर सकुशल रवाना कर दिया गया। पुलिस ने आगे बताया कि 26 जुलाई 2026 को पंकज साहू द्वारा पुनः शिकायत दी गई कि विपक्षी पक्ष ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के आधार पर थाना हंसवर में मु.अ.सं. 102/2026 धारा 326(ई)/115(2)/352/351(3) बीएनएस के तहत महेन्द्र सहित कुल चार नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना जारी है। क्षेत्राधिकारी जलालपुर ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों पक्षों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के अंतर्गत 26 जुलाई को निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260728-WA0027.mp4 वायरल वीडियो के संबंध में लगाए जा रहे उन आरोपों का भी पुलिस ने खंडन किया है, जिनमें विपक्षी पक्ष को थाने पर बैठाने या उनके साथ अभद्रता किए जाने की बात कही गई थी। पुलिस का कहना है कि प्रशासन और पुलिस की उपस्थिति में स्थापित सीमांकन पिलर को क्षतिग्रस्त किए जाने की शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई की गई थी। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। आगे की कार्रवाई पुलिस विवेचना और राजस्व अभिलेखों की जांच के आधार पर की जाएगी। डिस्क्लेमर यह समाचार क्षेत्राधिकारी जलालपुर द्वारा जारी आधिकारिक पुलिस बाइट एवं उपलब्ध पुलिस विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप, घटनाक्रम तथा कार्रवाई संबंधित पक्षों की शिकायतों और पुलिस अभिलेखों पर आधारित हैं। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायालय एवं विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही माना जाएगा। भारतीय कानून के अनुसार आरोप सिद्ध होने तक प्रत्येक व्यक्ति निर्दोष माना जाता है। खबर की तहतक निष्पक्ष एवं संतुलित पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए किसी भी पक्ष को दोषी घोषित नहीं करता तथा उपलब्ध होने पर सभी पक्षों का पक्ष प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation जलालपुर हाइडिल परिसर में इंटरलॉकिंग निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, मानकविहीन कार्य का आरोप जलालपुर में घनी आबादी के बीच गुजर रही 11 केवी लाइन हटाने की मांग तेज, व्यापार मंडल ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन