खबर की तहतक | विशेष संवाददाता जलालपुर (अम्बेडकरनगर)। तहसील जलालपुर स्थित जलालपुर हाइडिल बिजली घर परिसर में नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करते हुए निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य की मजबूती और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन साइड दीवार के निचले हिस्से में पुराने ईंटों का उपयोग किए जाने की बात सामने आई। मौके पर मौजूद तीरथ नाथ नामक व्यक्ति ने बताया कि उक्त निर्माण कार्य केशव राम पटेल द्वारा कराया जा रहा है। पत्रकारों द्वारा पूछताछ किए जाने पर उन्होंने पुराने ईंट लगाए जाने के संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दिया। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260728-WA0008.mp4 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब निर्माण स्थल पर वीडियो रिकॉर्डिंग होती दिखाई दी तो पुराने ईंट हटवाकर उनकी जगह नए ईंट लगाए जाने लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगाए जा रहे नए ईंट भी निम्न गुणवत्ता (थर्ड क्वालिटी) के हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फाउंडेशन से लेकर दीवार निर्माण तक गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में निर्माण कार्य की स्थायित्व क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं, कुछ लोगों ने निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराए जाने की मांग भी की है। मामले की जानकारी नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार को दी गई। उन्होंने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। इसी क्रम में अधिशासी अभियंता (उपखंड जलालपुर) झब्बूराम को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया। बताया गया है कि उन्होंने अपने कार्यालय से अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजकर जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलालपुर हाइडिल परिसर में चल रहा इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य ठेकेदार केशव राम पटेल द्वारा कराया जा रहा है और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि वास्तविक स्थिति क्या पाई जाती है और संबंधित विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं। वहीं, नवागत उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह से भी स्थानीय नागरिकों को अपेक्षा है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगी। पूरे प्रकरण पर स्थानीय जनता और मीडिया की नजर बनी हुई है। प्रशासन से उठी प्रमुख मांगें निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए। इंटरलॉकिंग एवं दीवार निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच हो। दोषी पाए जाने पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। डिस्क्लेमर : यह समाचार स्थानीय नागरिकों, प्रत्यक्षदर्शियों तथा मौके पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित गुणवत्ता संबंधी आरोप संबंधित व्यक्तियों और स्थानीय लोगों के कथन हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित विभाग द्वारा जांच प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने की बात कही गई है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगा। खबर की तहतक निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए किसी भी व्यक्ति, ठेकेदार या अधिकारी को दोषी घोषित नहीं करता तथा सभी पक्षों का पक्ष उपलब्ध होने पर प्रकाशित करने के लिए प्रतिबद्ध है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation बसखारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.043 किलो गांजा, ₹30,200 नकद और बाइक के साथ युवक गिरफ्तार हंसवर जमीनी विवाद में वायरल वीडियो पर पुलिस का पक्ष आया सामने, चार नामजद पर मुकदमा दर्ज