मठिया मंदिर में दानपेटी तोड़ने का प्रयास विफल, जलालपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपित हिरासत में

खबर की तहतक | विशेष समाचार

जलालपुर, अंबेडकर नगर।

क्षेत्र के श्री शीतला माता मठिया मंदिर में दानपेटी तोड़कर चोरी करने के प्रयास का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों की सतर्कता और जलालपुर पुलिस की सक्रियता के चलते कथित आरोपितों को शीघ्र चिन्हित कर हिरासत में लिए जाने की सूचना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात दो युवक मंदिर परिसर में प्रवेश कर दानपेटी को क्षतिग्रस्त कर उसमें रखी धनराशि निकालने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान हुई आवाज सुनकर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। मंदिर के पुजारी अशोक कुमार पांडेय एवं अन्य स्थानीय नागरिकों ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों को दी।

सूचना मिलते ही सोनू गुप्ता, देवेश मिश्र, आदित्य गोयल सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और संदिग्ध युवकों को पकड़ने का प्रयास किया। हालांकि दोनों युवक वहां से भागने में सफल रहे, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें पहचान लिए जाने के बाद पुलिस को उनकी जानकारी उपलब्ध कराई गई।

बताया जाता है कि सूचना प्राप्त होते ही जलालपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। घटना के दौरान शम्भू गुप्ता, सूरज, प्रहलाद शर्मा और निखिल सहित कई ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।

मंदिर समिति के अध्यक्ष चन्द्रलाल जायसवाल ने घटना के संबंध में कोतवाली में तहरीर देकर आरोपितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कोतवाल अजय प्रताप यादव ने बताया कि प्राप्त तहरीर एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की तत्परता और आमजन की जागरूकता के कारण संभावित चोरी की घटना को समय रहते विफल किया जा सका। इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस एवं जनता के समन्वय का यह उदाहरण अपराध नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर

यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी, प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों तथा संबंधित पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि सक्षम न्यायालय द्वारा की जानी शेष है। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक दोषी नहीं माना जा सकता। “खबर की तहतक” निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है तथा किसी व्यक्ति, संस्था अथवा पक्ष की छवि को प्रभावित करने का उद्देश्य नहीं रखता। यदि संबंधित पक्ष को समाचार में प्रकाशित किसी तथ्य पर आपत्ति हो तो वह अपना पक्ष उपलब्ध करा सकता है, जिसे नियमानुसार प्रकाशित करने पर विचार किया जाएगा।

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