“खबर की तहतक” वेब पोर्टल “जिस बेटे ने देश के लिए जान दी, उसके जाने के बाद परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है” जहानाबाद (बिहार)। असम में हुए विमान हादसे में बलिदान देने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिवार का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बेटे को खोने के गम के बीच अब मुआवजे की राशि को लेकर भी परिवार की ओर से सवाल उठाए गए हैं। शुभम के पिता अमरेंद्र शर्मा ने रक्षा मंत्री से आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है। अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि शुभम उनके परिवार का मुख्य सहारा थे। बेटे के असामयिक निधन के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक कथित रूप से शुभम की पत्नी बताई जा रही श्रेया राय को सौंप दिया गया, जबकि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। परिजनों के अनुसार, शुभम और श्रेया एक-दूसरे को जानते थे तथा भविष्य में विवाह की योजना थी। परिवार का दावा है कि नवंबर में विवाह प्रस्तावित था, जिसे पारिवारिक कारणों से आगे बढ़ा दिया गया था। हालांकि, कथित कोर्ट मैरिज और वैवाहिक स्थिति को लेकर विभिन्न दावे सामने आ रहे हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित अभिलेखों और सक्षम प्राधिकारियों द्वारा ही की जा सकती है। अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि यदि श्रेया कानूनी रूप से शुभम की पत्नी हैं तो उन्हें सहायता राशि प्राप्त करने का अधिकार है, लेकिन परिवार को जानकारी न दिए जाने और अंतिम संस्कार के बाद उनके चले जाने से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि बलिदानी अधिकारी के माता-पिता और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। परिवार का कहना है कि शुभम के जाने से उनके जीवन में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। इस पूरे मामले ने सहायता राशि के वितरण, पारिवारिक अधिकारों और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और दावों की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से होना शेष है। “देश के लिए जिसने प्राण न्योछावर कर दिए, उसके अपनों की आंखों में आज भी आंसुओं के सिवा कुछ नहीं…” डिस्क्लेमर यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों, परिजनों के बयानों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित दावे संबंधित पक्षों के कथन हैं। कथित वैवाहिक स्थिति, सहायता राशि के अधिकार एवं अन्य विवादित तथ्यों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्रशासनिक अथवा न्यायिक प्राधिकारी द्वारा ही की जा सकती है। “खबर की तहतक” किसी भी पक्ष के आरोपों या दावों की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता तथा पाठकों से मामले को न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण होने तक तथ्यों और दावों के रूप में ही देखने का आग्रह करता है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation यूपी में 465 स्कूलों पर लगा ताला! दो साल तक नहीं चली पढ़ाई, बोर्ड ने खत्म की मान्यता किछौछा से लौट रहे श्रद्धालुओं की ई-रिक्शा पलटी, एक की मौत, कई घायल! जियारत से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा, तीनों घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही