खबर की तहतक अम्बेडकरनगर/महरुआ। जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के बीच महरुआ थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज हत्या कांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और थाना महरुआ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 25 मई 2026 की सुबह करीब 6 बजे थाना महरुआ क्षेत्र के ग्राम सेहरा जलालपुर के पास खड़ंजे किनारे एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान अजय कुमार (42 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय रामनिहोर हरिजन निवासी ग्राम सेहरा जलालपुर सरैया थाना महरुआ के रूप में हुई। मृतक के सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक प्रतिदिन की तरह दूध वितरण के लिए महरुआ चौराहे की ओर निकला था, लेकिन वापस घर नहीं पहुंच सका। घटना की सूचना के बाद परिजनों और स्थानीय क्षेत्र में शोक व आक्रोश का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेन्द्र कुमार और क्षेत्राधिकारी भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा के पर्यवेक्षण में एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और विवेचना के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मंगलवार तड़के नारायणपुर घाट रामबाबा मोड़ के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दीवान जी (22 वर्ष), माखन कुमार (20 वर्ष), अजय कुमार (19 वर्ष) निवासी मधुपुर मीरनपुर थाना अहिरौली तथा अरुण कुमार (20 वर्ष) निवासी सेहरा जलालपुर थाना महरुआ शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध थाना महरुआ में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई कर न्यायालय भेजा जा रहा है। एक ओर जहां पुलिस 24 घंटे में हत्या का खुलासा कर अपनी कार्यशैली को प्रभावी बता रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में यह घटना कई सवाल भी छोड़ गई है कि रोजमर्रा के काम पर निकले व्यक्ति की जान आखिर किन परिस्थितियों में चली गई। घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। डिस्क्लेमर: यह समाचार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट एवं उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगाए गए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की दृष्टि में निर्दोष माने जाते हैं। आगे की जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया में तथ्यों में परिवर्तन संभव है। Post navigation गंगा दशहरा पर विशेष गोवंश सुपुर्दगी अभियान, चार गोवंश लाभार्थियों को सौंपे गए सम्मनपुर पुलिस की कार्रवाई: अवैध तमंचा और कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार