वायरल वीडियो बना गिरफ्तारी की वजह: 3 अवैध असलहे रखने का दावा करने वाले एहसान खान पर पुलिस का शिकंजा

खबर की तहतक ✍️

आजमगढ़

सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपने पास तीन अवैध असलहे होने का दावा करने वाला वीडियो अब पुलिस कार्रवाई का आधार बन गया है। आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पुलिस ने एहसान खान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एहसान खान अपने पास तीन अवैध हथियार होने की बात करता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था और लोगों के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता भी देखी गई। सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा तेजी से बढ़ी, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

पुलिस के अनुसार जौनपुर जिले के सरायख्वाजा क्षेत्र से आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने ग्राम छित्तेपुर स्थित एक बंद पड़े ट्यूबवेल में हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर एक .315 बोर का तमंचा, एक .315 बोर का जिंदा कारतूस तथा एक .303 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया।

सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि पुलिस की ओर से बरामदगी और कार्रवाई संबंधी आधिकारिक जानकारी जारी की गई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि एहसान खान पूर्व में कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ चुका है।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के बाद हुई यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात पर चर्चा बढ़ा रही है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की गई सामग्री किस प्रकार कानूनी जांच और कार्रवाई का कारण बन सकती है।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी, उपलब्ध तथ्यों तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूत्रों की सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी स्वतंत्र रूप से पूर्ण रूप से सत्यापित नहीं हो सकती। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक दोषी नहीं माना जाता। “खबर की तहतक” निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है।

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