क्या बिना वैध चिकित्सीय योग्यता के चल रहा क्लिनिक? स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, स्वस्थ्य विभाग की भूमिका पर भी चर्चा

खबर की तहतक ✍️

जलालपुर, अंबेडकरनगर।

जलालपुर ब्लॉक अंतर्गत सुरूहुरपुर चौराहे से लगभग 100 मीटर आगे सुरूहुरपुर बाजार की ओर तथा मुख्य मार्ग से कुछ दूरी अंदर संचालित एक निजी क्लिनिक को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा यह सवाल उठाया जा रहा है कि संबंधित क्लिनिक का संचालन कथित रूप से बिना मान्य चिकित्सीय योग्यता के किया जा रहा है।

प्राप्त स्थानीय जानकारी के अनुसार, न्यूटन सरकार नामक व्यक्ति बीते कई वर्षों से मरीजों का उपचार करते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां उनके रिश्तेदार द्वारा क्लिनिक संचालित किया जाता था और उनके निधन के बाद यह जिम्मेदारी न्यूटन सरकार द्वारा संभाली गई। हालांकि, उनकी चिकित्सीय योग्यता एवं पंजीकरण को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

यदि किसी व्यक्ति द्वारा बिना आवश्यक वैधानिक अनुमति अथवा निर्धारित चिकित्सीय योग्यता के चिकित्सा सेवाएं संचालित की जाती हैं, तो यह न केवल कानूनी दृष्टि से गंभीर विषय हो सकता है बल्कि मानव जीवन से जुड़ा संवेदनशील मामला भी माना जाता है। चिकित्सा क्षेत्र में दवाओं की मात्रा, उनके संयोजन और मरीज की स्थिति के अनुरूप उपचार का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मामलों में छोटी सी चूक भी बड़े दुष्परिणाम का कारण बन सकती है।

क्षेत्रीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि जब स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर कथित झोलाछाप चिकित्सकों और अनियमित रूप से संचालित क्लीनिकों के विरुद्ध अभियान चलाता है, तो लंबे समय से संचालित इस क्लिनिक की जांच हुई है या नहीं, यह भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को संज्ञान में लेकर जांच करता है या नहीं। क्योंकि चिकित्सा सेवा ऐसा क्षेत्र है जहां “सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी” वाली कहावत पूरी तरह सटीक बैठती है। मानव जीवन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकती है।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार स्थानीय लोगों से प्राप्त सूचनाओं, चर्चाओं एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। “खबर की तहतक” संबंधित व्यक्ति अथवा संस्थान के विरुद्ध लगाए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। समाचार में व्यक्त आरोप एवं दावे संबंधित पक्षों के हैं। यदि संबंधित व्यक्ति या संस्थान अपनी प्रतिक्रिया या दस्तावेज उपलब्ध कराना चाहता है, तो उसे प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। अंतिम सत्यापन एवं वैधानिक स्थिति सक्षम प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभागीय जांच के अधीन होगी।

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