खबर की तहतक ✍️ कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित कैलाश विहार के एक निजी अस्पताल में सोमवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और पुलिस के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में चौकी इंचार्ज समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और हंगामे की भी सूचना है। मिली जानकारी के अनुसार कन्नौज जिले के निजामपुर निवासी विजय बहादुर अपने 36 वर्षीय बेटे गौरव सिंह को बवासीर के ऑपरेशन के लिए आवास-विकास स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल में भर्ती कराए थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने गौरव को एनीमिया बताते हुए खून चढ़ाने की बात कही थी और इलाज के दौरान दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। इसी दौरान सोमवार तड़के करीब तीन बजे मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब 15 घंटे तक शव अस्पताल में ही रखा रहा, जिससे माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा। शाम के समय शव से दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार जब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया गया तो कुछ महिलाएं और परिजन भड़क उठे। आरोप है कि उन्होंने चौकी इंचार्ज, महिला दरोगाओं और महिला सिपाहियों के साथ मारपीट की तथा अस्पताल में रखे मेडिकल उपकरणों से हमला कर दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फट गई और महिला दरोगाओं को चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने महिलाओं समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी भी तैनात की गई है। वहीं, मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस अस्पताल प्रबंधन का पक्ष ले रही थी और अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद कराकर जबरन शव हटाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताया है। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन स्थिति अचानक बिगड़ गई। पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। डिस्क्लेमर खबर की तहतक इस समाचार में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया स्रोतों, स्थानीय पुलिस अधिकारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और परिजनों के आरोप-प्रत्यारोप की स्वतंत्र पुष्टि शेष है। किसी भी पक्ष को दोषी मानना न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण होने तक उचित नहीं होगा। पोर्टल का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक एवं जनहित से जुड़ी सूचना प्रस्तुत करना है। Post navigation गाड़ी का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन शातिर गिरफ्तार अम्बेडकरनगर पुलिस की कार्रवाई, 12 साल पुराने मामले में वारंटी गिरफ्तार