थाना स्तर पर लापरवाही या दबाव? जान से मारने की धमकियों के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं, एसपी से तत्काल FIR की मांग”

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जलालपुर (अम्बेडकरनगर), 1 मई 2026

जनपद अम्बेडकरनगर के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अरई में एक पत्रकार और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है, जहां लगातार जान से मारने की धमकियों और खुलेआम अभद्रता के बावजूद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पत्रकार संदीप कुमार ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल हस्तक्षेप कर एफआईआर दर्ज कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।प्रा

प्राप्त  जानकारी के अनुसार, पीड़ित का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग और प्रभावशाली लोग संगठित होकर बार-बार उसके घर पर चढ़ आते हैं, गाली-गलौज करते हैं और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देते हैं। इससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

बताया गया कि 23 मार्च 2026 को राजबहादुर यादव, अमरजीत यादव, श्रीनिवास यादव और श्रीराम यादव सहित अन्य लोग एकजुट होकर पीड़ित के घर पहुंचे और जमकर हंगामा करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में ऑनलाइन शिकायत (संख्या 40017826008821) दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद 25 अप्रैल 2026 को राजस्व टीम की मौजूदगी में भी मुख्य आरोपी अमरजीत यादव द्वारा खुलेआम गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। इस घटना का वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद भी पुलिस की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।

हैरानी की बात यह है कि 1 मई 2026 को दोनों पक्षों को थाना बुलाया गया, लेकिन मुकदमा दर्ज करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई सख्त रुख नहीं अपनाया, जिससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी बताया कि वह एक पत्रकार है और जनहित के मुद्दों को उठाता रहा है। ऐसे में उसके साथ हो रही घटनाएं न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का विषय हैं, बल्कि कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही थाना स्तर पर बरती गई लापरवाही के लिए संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी मांग की गई है।

स्थिति चिंताजनक:

लगातार मिल रही धमकियों और पुलिस की निष्क्रियता को देखते हुए किसी भी समय गंभीर घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाकर पीड़ित को न्याय दिलाता है।

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