खबर की तहतक ✍️ अम्बेडकरनगर (जलालपुर): जलालपुर ब्लॉक में एडीओ पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों द्वारा अपने स्वार्थ के लिए सफाई कर्मचारियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सफाई कर्मचारियों को गांवों में तैनात करने के बजाय ब्लॉक कार्यालय में ही अटैच कर लिया गया है। यहां तक कि एक सफाई कर्मचारी को ड्राइवर के रूप में भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इससे साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्राम सभाओं में हालात यह हैं कि जहां नियमित सफाई और दवा छिड़काव की जरूरत है, वहां कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। आरोप यह भी है कि नालियों की सफाई और दवा छिड़काव केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीन पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो कर्मचारी शारीरिक रूप से असमर्थ हैं, उन्हें कार्यालय में रखा जा रहा है, जबकि सक्षम कर्मचारियों को भी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे रहने दिया गया है। इससे न सिर्फ व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण भी मिल रहा है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या योगी सरकार के सख्त प्रशासनिक ढांचे में इस मामले का संज्ञान लिया जाएगा? क्या जलालपुर ब्लॉक में फैली इस अव्यवस्था की जांच होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी? Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation शराब के लिए पैसों के विवाद में महिला की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार थाना स्तर पर लापरवाही या दबाव? जान से मारने की धमकियों के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं, एसपी से तत्काल FIR की मांग”