खबर की तहतक ✍️| विशेष रिपोर्ट लखनऊ/अंबेडकरनगर। पत्रकारों पर बढ़ते कथित फर्जी मुकदमों और प्रशासनिक उत्पीड़न के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। पत्रकार समाज कल्याण सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट हरिमोहन दुबे ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। दुबे ने कहा कि प्रदेश में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस अधिकारी और भ्रष्ट तत्व मिलकर ऐसे पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं, जो भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर करते हैं। “लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हो रहा कमजोर” हरिमोहन दुबे ने कहा कि सच्चाई सामने लाने वाले पत्रकारों को ही झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल गिर रहा है और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कमजोर हो रहा है। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया। बिना जांच दर्ज हो रहे मुकदमे: आरोप दुबे के अनुसार कई मामलों में बिना समुचित जांच के ही पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ थाना प्रभारी और अधिकारी दबाव या निजी स्वार्थ के चलते ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे कानून के दुरुपयोग की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सरकार से की उच्चस्तरीय जांच की मांग एडवोकेट दुबे ने योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी से मांग की है कि: पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों और थाना प्रभारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए जनआंदोलन की चेतावनी उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। निष्कर्ष यह मामला केवल पत्रकारों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की मजबूती से भी जुड़ा है। ऐसे में सरकार के लिए जरूरी है कि इस मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लेकर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करे। Post navigation महिला सुरक्षा को लेकर सक्रिय पुलिस: मिशन शक्ति फेज-5 के तहत जनपद भर में जागरूकता अभियान बाबा बरुआ दास पीजी कॉलेज में तीन दिवसीय रोवर्स-रेंजर्स शिविर का शुभारंभ