अंबेडकरनगर में ईंधन और गैस को लेकर अफवाहों का असर: प्रशासन बोले—‘पर्याप्त स्टॉक’, फिर भी पंपों-एजेंसियों पर भीड़

खबर की तहतक ✍️

अंबेडकरनगर | 25 मार्च 2026

जनपद अंबेडकरनगर में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी गैस को लेकर इन दिनों अफवाहों का दौर तेज हो गया है। एक ओर प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ती दिखाई दे रही है।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रेसवार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि जनपद में कुल 166 पेट्रोल पंप संचालित हैं और ईंधन का स्टॉक सामान्य से अधिक उपलब्ध है। उनके अनुसार, डीजल का स्टॉक दैनिक खपत (करीब 607 किलोलीटर) से ढाई गुना अधिक यानी 1308 किलोलीटर है, जबकि पेट्रोल भी जरूरत से दोगुना उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि केवल 5 पेट्रोल पंपों पर अस्थायी समस्या सामने आई थी, जो एक मार्केटिंग कंपनी की ‘एडवांस पेमेंट’ नीति के कारण उत्पन्न हुई। अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और जल्द ही सभी पंपों पर आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो जाएगी।

अफवाहों से बढ़ी भीड़, दिखी अव्यवस्था

प्रशासन के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। रात से ही कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, जहां लोग गैलेन और जरकिन लेकर ईंधन भरवाने पहुंचे। कुछ स्थानों पर ‘नो पेट्रोल/डीजल’ के बोर्ड भी लगे दिखाई दिए, जिससे लोगों में घबराहट और बढ़ गई।

गैस एजेंसियों पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी नजर आईं और कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस खत्म होने के डर से वे पहले ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन एजेंसियों पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही।

प्रशासन की सख्ती और अपील

जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अफवाह फैलाने वालों तथा जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बोतल, ड्रम या पीपे में ईंधन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि—

अफवाहों पर ध्यान न दें

पैनिक बाइंग से बचें

केवल आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन और गैस लें

गैस की होम डिलीवरी का इंतजार करें

किसान और व्यापारी चिंतित

ईंधन को लेकर फैली अनिश्चितता का असर किसानों और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। सिंचाई और रोजमर्रा के कार्यों के लिए ईंधन की उपलब्धता को लेकर वे चिंतित नजर आ रहे हैं।

जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। वहीं, प्रदेश स्तर पर भी सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है।

निष्कर्ष

अंबेडकरनगर की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि अफवाहें किस तरह सामान्य हालात को भी संकट में बदल सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की जिम्मेदारी भी बनती है कि संयम बनाए रखें और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।

अपील: किसी भी समस्या की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से संपर्क करें। अफवाहें न फैलाएं, शांति बनाए रखें।

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