खबर की तहतक ✍️ जलालपुर, अम्बेडकरनगर। कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव भरेली में मंगलवार को खेत में सीमेंट की बोरी में लिपटा नवजात भ्रूण मिलने की घटना ने पूरे इलाके को अंदर तक झकझोर दिया। यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं पर गहरा सवाल खड़ा करने वाली घटना बन गई है। दोपहर के समय जब कुछ ग्रामीण खेत की ओर गए तो उनकी नजर एक संदिग्ध बोरी पर पड़ी। पास जाकर देखने पर सभी सन्न रह गए। थोड़ी ही देर में गांव के लोग मौके पर जुटने लगे और माहौल पूरी तरह स्तब्ध हो गया। हर किसी के मन में एक ही सवाल था—आखिर कोई इतनी बड़ी अमानवीय हरकत कैसे कर सकता है? सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात भ्रूण को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे दफनाने के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। कोतवाल अजय प्रताप सिंह यादव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह कृत्य किसने और किन परिस्थितियों में किया। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गांव में सिर्फ आक्रोश ही नहीं, बल्कि चिंता भी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह किसी मजबूरी, सामाजिक भय या दबाव का परिणाम भी हो सकता है। ऐसे मामलों पर समाज को खुलकर बात करने की जरूरत है, ताकि कोई भी व्यक्ति भय या शर्म के कारण ऐसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर न हो। यह घटना एक बार फिर हमें सोचने पर मजबूर करती है—क्या विकास की दौड़ में हम इंसानियत और संवेदनाओं को कहीं पीछे तो नहीं छोड़ते जा रहे हैं? Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation अंबेडकरनगर में भीषण सड़क हादसा: दो युवक गंभीर, एंबुलेंस की देरी पर भड़का गुस्सा मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक, महिला सुरक्षा व योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी