खबर की तहतक ✍️ कानपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज यादव के निर्देश पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर टीम द्वारा कानपुर–बिठूर हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्रह्मावर्त पीजी कॉलेज, मंधना परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और आमजन को सड़क सुरक्षा एवं नेत्रदान के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान एनएचएआई के सहयोग से शंकर आई हॉस्पिटल की टीम ने नेत्रदान को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। वहीं सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा नियमों के अंतर्गत पैदल मार्च निकालकर लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति सजग किया गया। इस अवसर पर रिफ्लेक्टिव टेप और जागरूकता पंपलेट भी चिपकाए एवं वितरित किए गए। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि बिठूर–कानपुर हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटकों और प्रोजेक्टर के माध्यम से जीवंत प्रस्तुतियों द्वारा बिना हेलमेट वाहन चलाने, नशे की हालत में ड्राइविंग, तेज रफ्तार, ओवर स्पीड और लापरवाही से वाहन चलाने जैसे खतरनाक कृत्यों के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दिखाया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रहे। कार्यक्रम के अंत में लगभग 200 छात्रों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ब्रह्मावर्त पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. वी. के. कटियार, इंसीडेंट मैनेजर आदित्य मिश्रा, डॉ. सैफ आलम, राहुल श्रीवास्तव, कमल कांत अवस्थी, पैट्रोलिंग ऑफिसर सुनील सचान, ट्रैफिक इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, डॉ. चंद्र किशोर शास्त्री, नरेंद्र, पुष्पेंद्र, रामसेवक, संदीप, शिवराज दुर्गेश सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम को उपस्थितजनों ने सराहा और इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation सऊदी अरब में फंसे अंबेडकरनगर के मजदूरों की गुहार: 161 भारतीयों ने वीडियो जारी कर मांगी मदद, भूख-प्यास से हालात बदतर आलापुर में पीआरडी जवान को दी गई भावभीनी विदाई, 42 वर्षों की सेवा के बाद हुए सेवानिवृत्त