Category: साहित्यिक डेस्क

रिश्तों की मीठी बातों के पीछे छिपे स्वार्थ पर करारा प्रहार, पढ़िए Archana Singh की कविता “प्रतिघाती से बचकर रहना”

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क साहित्यिक विशेष कुछ रिश्ते सामने से बेहद अपनत्व भरे नजर आते हैं, लेकिन समय आने पर उनके व्यवहार की सच्चाई सामने आ जाती है। इसी…

🇮🇳 जो हमने पाया है, वो केवल हमारा ही नहीं…

विशेष प्रस्तुति | खबर की तहतक मनुष्य अपने जीवन में बहुत कुछ प्राप्त करता है—परिवार का स्नेह, समाज का सहयोग, प्रकृति का संरक्षण और मातृभूमि से मिली पहचान। लेकिन इन…

न्याय की प्रतीक्षा में थकती उम्मीदों और खाली जेब की पीड़ा को शब्द देती कवयित्री अर्चना सिंह

खबर की तहतक | साहित्यिक प्रस्तुति कुछ कविताएँ केवल पढ़ी नहीं जातीं, वे भीतर उतरकर सवाल बन जाती हैं। “तारीखें बस तारीखें…” ऐसी ही एक संवेदनशील रचना है, जिसमें कवयित्री…

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