खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क परुइया आश्रम, अम्बेडकर नगर। युवाओं को नशे की बुराइयों से दूर रखने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से बाबा बरुआदास पीजी कॉलेज, परुइया आश्रम में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। नशे की शुरुआत व्यक्ति से, लेकिन दुष्प्रभाव पूरे परिवार पर कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि नशे की शुरुआत भले ही एक व्यक्ति से होती है, लेकिन इसका दुष्प्रभाव धीरे-धीरे पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। वक्ताओं ने तंबाकू और धूम्रपान के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी न करें युवा कार्यशाला में युवाओं के बीच बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि मानसिक परेशानियां कई बार विद्यार्थियों की पढ़ाई, आत्मविश्वास और जीवन के लक्ष्यों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने बताया कि समय रहते उचित परामर्श, संवाद और सहयोग के माध्यम से इन समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे अपनी मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय शिक्षकों, काउंसलर और भरोसेमंद लोगों से साझा करें। इस दौरान सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 1800-11-0031 तथा राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे उचित सहायता प्राप्त कर सकें। दृढ़ इच्छाशक्ति से संभव है नशामुक्त समाज : प्राचार्य महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. परेश कुमार पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति नशामुक्ति का सबसे बड़ा मंत्र है। जब व्यक्ति स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लेगा, तभी परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने जीवन में सकारात्मक आदतों को अपनाएं और समाज में नशामुक्ति के संदेश के वाहक बनें। स्वस्थ मन से ही विकसित होती है स्वस्थ बुद्धि : उपप्राचार्य उपप्राचार्य प्रो. पवन कुमार गुप्त ने कहा कि स्वस्थ मन में ही स्वस्थ बुद्धि का वास होता है। विद्यार्थियों को अपनी मनोदशा और मानसिक परेशानियों को शिक्षकों एवं काउंसलर के साथ साझा करना चाहिए, जिससे समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान खोजा जा सके। उन्होंने युवाओं को अपना समय अध्ययन, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने की सलाह देते हुए कहा कि सकारात्मक दिनचर्या व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ. रमेश कुमार ने किया कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम का संयोजन वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. चन्द्रिकेश कुमार, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. पवन कुमार दुबे, डॉ. अमरनाथ जायसवाल, श्री राम अचल यादव, डॉ. आराधिका, प्रतिमा कुमारी, डॉ. वीरेंद्र कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नशे से दूरी, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण का आधार है। अस्वीकरण (Disclaimer) : यह समाचार महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शैक्षिक एवं जनहितकारी जानकारी प्रदान करना है। खबर की तहतक सच्ची खबर, जनहित की बात। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation अंबेडकरनगर: युवक को पेड़ से बांधने के वायरल वीडियो पर पुलिस का स्पष्टीकरण, परिजनों को सौंपा गया युवक