खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क टांडा, अंबेडकरनगर। जनपद अंबेडकरनगर में सोशल मीडिया पर एक युवक को पेड़ से बांधने का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो के संबंध में अंबेडकरनगर पुलिस ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए घटना की परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी है। चिकन देने से मना करने पर हुआ विवाद: पुलिस पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान टांडा थाना क्षेत्र के सकरावर निवासी मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आसिफ कथित तौर पर अत्यधिक शराब के नशे में एक मटन-चिकन की दुकान पर चिकन मांग रहा था। पुलिस के मुताबिक, दुकानदार शेर अली ने युवक के नशे में होने के कारण उसे चिकन देने से मना कर दिया। इसके बाद युवक कथित तौर पर उग्र हो गया और ईंट-पत्थर फेंकने लगा। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आसपास मौजूद लोगों ने उसे शांत कराने के उद्देश्य से पेड़ से बांध दिया। मौके पर पहुंची पुलिस, परिजनों को सौंपा युवक अंबेडकरनगर पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले आई। पुलिस का कहना है कि युवक के अत्यधिक नशे में होने के कारण दुकानदार की ओर से कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया। इसके बाद युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मारपीट के आरोप पर पुलिस का क्या कहना है? वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवक के साथ किसी प्रकार की अभद्रता अथवा मारपीट नहीं की गई। यह पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण है। घटना से संबंधित सभी परिस्थितियों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं किया जा सका है। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं इस घटना के संदर्भ में यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के नशे में होने या विवाद करने की स्थिति में उसके साथ कैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति उपद्रव करता है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई करना संबंधित अधिकारियों का दायित्व है। किसी व्यक्ति को बांधने या उसके साथ बल प्रयोग करने जैसी परिस्थितियों का आकलन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261009-WA0002.mp4 खबर की तहतक की अपील: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। Disclaimer : यह समाचार अंबेडकरनगर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण पर आधारित है। घटना से संबंधित आरोपों एवं पुलिस के कथन को उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्वतंत्र रूप से सत्यापित न हो सकी परिस्थितियों के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। समाचार का उद्देश्य जनहित में सूचना प्रदान करना है, न कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation विश्व दृष्टि दिवस पर निकली विशाल नेत्रदान जागरूकता रैली बाबा बरुआदास पीजी कॉलेज में नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला, युवाओं को दिया जागरूकता का संदेश