सम्मनपुर पुलिस ने हत्या के मामले में वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार। लाठी-डंडों से मारपीट में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान हुई थी मौत, विवेचना के दौरान आरोपी का नाम आया सामने

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

अंबेडकरनगर।

थाना सम्मनपुर पुलिस ने लाठी-डंडों से मारपीट कर हत्या किए जाने के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी 7 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 4:45 बजे की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस के मुताबिक, थाना सम्मनपुर क्षेत्र के ग्राम कुर्की बाजार निवासी आशाराम पुत्र चैतू की तहरीरी सूचना के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रामकिशुन के साथ अंश यादव उर्फ डब्बू यादव, पवन मौर्या और कुछ अज्ञात लोगों ने जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से मारपीट की।

इलाज के दौरान घायल रामकिशुन की मौत हो गई। वहीं, घटना में घायल एक अन्य व्यक्ति का गंभीर अवस्था में उपचार चल रहा था। इसके बाद विवेचना और साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में हत्या सहित अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की गई।

विवेचना के दौरान सामने आए वांछित आरोपी राज यादव पुत्र रामसजीवन, निवासी ग्राम पकड़ी भोजपुर, थाना टांडा, जनपद अंबेडकरनगर को सम्मनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी देवेश चतुर्वेदी और क्षेत्राधिकारी नगर अरुण कुमार नौहवार के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष सम्मनपुर अभिषेक त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई।

गिरफ्तार आरोपी

राज यादव पुत्र रामसजीवन

निवासी ग्राम पकड़ी भोजपुर, थाना टांडा, जनपद अंबेडकरनगर।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध अकबरपुर, सम्मनपुर और टांडा थानों में आबकारी अधिनियम, मारपीट, धमकी, आपराधिक षड्यंत्र तथा एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी

हे0का0 अभिषेक यादव

हे0का0 अभिषेक प्रताप

का0 रवि पाल

का0 नवनीत यादव

का0 सुधीर अंचल

डिस्क्लेमर:

यह समाचार पुलिस द्वारा जारी प्रेस-नोट एवं उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें लगाए गए आरोप एवं आपराधिक इतिहास पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हैं। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। अभियुक्त को दोषसिद्ध होने तक कानूनन निर्दोष माना जाता है।

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