लखीमपुर में धसी सड़क पर विधायक का आक्रोश : बोले अफसरो की जूतो से सेवा की जाएगी!

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

लखीमपुर खीरी।

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए सड़क एवं ओवरब्रिज निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब बारिश के बाद हाईवे-730 पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनी सड़क का एक हिस्सा धंस गया और मौके पर गहरा गड्ढा बन गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद गोला क्षेत्र के भाजपा विधायक अमन गिरि मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों के सामने नाराजगी जाहिर की।

प्राप्त जानकारी  के अनुसार, विधायक ने अधिकारियों से कहा कि सड़क की समस्या ठीक होने तक मौके पर काम की निगरानी की जाए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय किए जाने और तकनीकी जांच की आवश्यकता बताई। रिपोर्टों में विधायक द्वारा अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दिए जाने का भी उल्लेख है।

बताया गया है कि यह ओवरब्रिज करीब 84 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है और जुलाई 2026 में आवागमन के लिए खोला गया था। सितंबर के अंतिम सप्ताह में लगातार बारिश के बाद शनिवार रात सड़क का एक हिस्सा धंसने की बात सामने आई। सड़क पर बने गड्ढे से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया। स्थानीय लोगों ने रात में राहगीरों को सावधान करने के लिए सड़क के पास लाल कपड़ा भी लगाया।

विधायक ने इस मामले को मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के समक्ष उठाने की बात कही है। वहीं, संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क धंसने के वास्तविक तकनीकी कारणों तथा जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच का परिणाम सामने आना अभी महत्वपूर्ण है।

खबर की तहतक की नजर से

यह सिर्फ सड़क में बने एक गड्ढे की कहानी नहीं है। सड़क पर पड़ा हर गड्ढा उस आम आदमी की चिंता है, जो रोज इसी रास्ते से अपने घर, दुकान, स्कूल, अस्पताल या काम तक पहुंचता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद यदि किसी नए निर्माण में ऐसी स्थिति सामने आती है तो सबसे बड़ा सवाल यही है—निर्माण की गुणवत्ता की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

जनता को नारों से ज्यादा सुरक्षित सड़क चाहिए, आरोपों से ज्यादा पारदर्शी जांच चाहिए और आश्वासनों से ज्यादा जवाबदेही चाहिए। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि तकनीकी जांच में क्या सामने आता है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार उपलब्ध जानकारी, वायरल वीडियो/फोटो और प्रकाशित सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। खबर की तहतक किसी व्यक्ति, अधिकारी, ठेकेदार अथवा निर्माण एजेंसी को दोषी घोषित नहीं करता। सड़क धंसने के कारण और निर्माण गुणवत्ता से संबंधित अंतिम निष्कर्ष सक्षम विभाग की तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी उचित स्थान दिया जाएगा। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हमारे स्तर से नहीं की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि अपुष्ट दावों को तथ्य मानकर प्रसारित न करें।

**खबर की तहतक — सवाल वही, जो जनता के हित में जरूरी हैं।**

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