खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क फर्जी प्रोफाइल से युवकों को जाल में फंसाने का आरोप, क्लब में बुलाकर बढ़ा-चढ़ाकर बिल वसूलने और ब्लैकमेल करने की भी बात; क्राइम ब्रांच ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गाजियाबाद। ऑनलाइन दुनिया में शुरू हुई एक छोटी-सी दोस्ती कब किसी के लिए आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव का कारण बन जाए, इसका एक चौंकाने वाला मामला गाजियाबाद से सामने आया है। डेटिंग ऐप पर बातचीत, मुलाकात का भरोसा और फिर क्लब में पहुंचने के बाद कथित तौर पर भारी-भरकम बिल—पुलिस के मुताबिक, इसी तरीके से युवकों को निशाना बनाए जाने का आरोप है। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने कथित डेटिंग ऐप फ्रॉड से जुड़े मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर Tinder, Happn और Twogether जैसे डेटिंग ऐप्स पर महिलाओं के नाम से कथित फर्जी प्रोफाइल बनाकर पुरुषों से संपर्क करने और उन्हें मुलाकात के बहाने गाजियाबाद के RDC स्थित ‘लॉर्ड ऑफ विंग्स’ क्लब में बुलाने का आरोप है। पहले दोस्ती… फिर क्लब में मुलाकात रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए बातचीत शुरू की जाती थी। बातचीत बढ़ने के बाद मुलाकात का प्रस्ताव रखा जाता और युवक को क्लब में बुलाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, क्लब में मुलाकात के दौरान खाने-पीने की वस्तुओं के साथ शराब, शैंपेन और हुक्का आदि का ऑर्डर कराया जाता था। इसके बाद आरोप है कि वास्तविक बिल की रकम से कई गुना अधिक राशि का बिल तैयार कर युवकों से भुगतान कराने का दबाव बनाया जाता था। बिल देने से इनकार किया तो कथित धमकी और ब्लैकमेलिंग पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में कथित रूप से बढ़े हुए बिल का भुगतान करने से इनकार करने पर युवकों को डराने-धमकाने की कोशिश की गई। जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि कुछ लोगों के वीडियो बनाए जाते थे और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने की धमकी देकर पैसे मांगने का प्रयास किया जाता था। यानी जिस मुलाकात की शुरुआत दोस्ती और भरोसे से हुई, वह कथित तौर पर कुछ लोगों के लिए डर, दबाव और आर्थिक नुकसान का कारण बन गई। चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने मामले में राहुल गुप्ता, मणिकांत, मोहित और विशाल राजपूत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक सुजुकी फ्रॉन्क्स कार बरामद किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, संबंधित क्लब लगभग एक महीने से संचालित था और इसी तरीके से कई लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। ऑनलाइन दोस्ती में सावधानी जरूरी यह मामला सिर्फ एक कथित ठगी की कहानी नहीं, बल्कि ऑनलाइन पहचान और वास्तविक मुलाकात के बीच सावधानी बरतने की जरूरत की ओर भी इशारा करता है। अनजान व्यक्ति के बुलावे पर किसी क्लब या निजी स्थान पर जाने से पहले स्थान, बिलिंग व्यवस्था और मिलने वाले व्यक्ति की पहचान की पर्याप्त जानकारी लेना जरूरी है। पुलिस की ओर से भी लोगों को ऑनलाइन मिलने वाले अनजान लोगों के बुलावे पर सावधानी बरतने तथा संदिग्ध लेनदेन से बचने की सलाह दी गई है। खबर की तहतक ऐसे मामलों में पाठकों से अपील करता है कि ऑनलाइन दोस्ती या डेटिंग के दौरान भावनात्मक भरोसे के साथ-साथ व्यावहारिक सतर्कता भी बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें और उपलब्ध चैट, भुगतान रसीद, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें। डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध पुलिस जानकारी एवं प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें उल्लिखित आरोप संबंधित पुलिस जांच/रिपोर्ट में बताए गए आरोप हैं। आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि को दोषसिद्धि नहीं माना जाना चाहिए। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को कानून की नजर में तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक सक्षम न्यायालय द्वारा उनके विरुद्ध आरोप सिद्ध न हो जाएं। मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्थिति में बदलाव संभव है। खबर की तहतक किसी व्यक्ति, संस्था या प्रतिष्ठान को दोषी घोषित नहीं करता और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे उचित स्थान दिया जाएगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation अकबरपुर ओवरब्रिज पर दर्दनाक हादसा: विधायक के ड्राइवर की मौत की खबर, दो बाइक सवारों के फरार होने का दावा जलालपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह, 57 जोड़े दाम्पत्य बंधन में बंधे