नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में वांछित युवक गिरफ्तार, भीटी पुलिस की कार्रवाई

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

अम्बेडकरनगर।

थाना भीटी क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में वांछित करीब 20 वर्षीय युवक को भीटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी 23 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर उसके घर से की गई।

पुलिस के मुताबिक, थाना भीटी निवासी महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किए जाने के संबंध में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर 21 सितंबर 2026 को थाना भीटी में मु0अ0सं0 227/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 65(1)/333 बीएनएस एवं 3/4(2) पॉक्सो एक्ट के तहत रामलिखित उर्फ नितिन पुत्र रामसुभावन निवासी बथुआ, थाना भीटी को नामजद किया गया था।

मुखबिर की सूचना पर घर से गिरफ्तारी

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी। इसी क्रम में 23 सितंबर 2026 को करीब 10:10 बजे मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कृष्णबली सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियुक्त रामलिखित उर्फ नितिन को उसके घर, ग्राम बथुआ चन्दौका से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की उम्र करीब 20 वर्ष है और वह ग्राम चन्दौका बथुआ, थाना भीटी, जनपद अम्बेडकरनगर का निवासी है।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कृष्णबली सिंह, हे0का0 तेजबहादुर, का0 राहुल यादव तथा का0 अत्र कुमार, थाना भीटी शामिल रहे।

नाबालिग से संबंधित मामलों में कानून पीड़ित की पहचान और गरिमा की सुरक्षा को विशेष महत्व देता है। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है।

खबर की तहतक — तथ्य, कानून और जिम्मेदार पत्रकारिता के साथ।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार थाना भीटी पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। पुलिस के अनुसार उक्त युवक को नाबालिग से संबंधित पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया गया है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर की तहतक द्वारा नहीं की गई है। किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक आरोपी/अभियुक्त के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में अंतिम सत्य एवं दोष अथवा निर्दोषता का निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और विधि के अनुसार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Call Now Button