खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क जलालपुर, अंबेडकरनगर। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मथरा रसूलपुर में एक महिला ने अपने पति के साथ कथित मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता रूबी तिवारी पत्नी प्रदीप तिवारी ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर घटना की जांच, आरोपियों के विरुद्ध विधि-संगत कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस के लौटते ही मारपीट का आरोप पीड़िता के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को पुलिस उसके मामले की जांच के सिलसिले में गांव पहुंची थी। महिला का आरोप है कि पुलिस टीम के वापस लौटते ही विपक्षी पक्ष के रामसनेही यादव पुत्र स्वर्गीय निकऊ यादव, सुषमा यादव पत्नी रामसनेही यादव, कृष्णा यादव पुत्र रामसनेही यादव एवं नीलू यादव पुत्री रामसनेही यादव ने एकजुट होकर उसके पति प्रदीप तिवारी के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। महिला के मुताबिक, मारपीट की घटना में उसके पति को गंभीर चोटें आईं। समाचार तैयार किए जाने के समय प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल प्रदीप तिवारी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें उपचार के लिए PGI टांडा रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है, जहां उनका उपचार जारी बताया गया है। पहले भी धमकी देने का लगाया आरोप प्रार्थना पत्र में रूबी तिवारी ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी विपक्षी पक्ष के लोग उनके घर पर लाठी-डंडा, सरिया और धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि उस दौरान गाली-गलौज करते हुए परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। पीड़िता का कहना है कि पूर्व में भी उसने संबंधित मामले को लेकर थाने में शिकायत की थी। इसके अलावा संपूर्ण समाधान दिवस, तहसील जलालपुर में भी पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही गई है। “घर छोड़कर चले जाओ” की धमकी का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष लगातार परिवार पर गांव और जमीन छोड़कर चले जाने का दबाव बना रहा है तथा परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इन कथित धमकियों के चलते परिवार के बीच भय और असुरक्षा का माहौल होने की बात पीड़िता ने कही है। रूबी तिवारी ने पुलिस से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करने, आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, घायल प्रदीप तिवारी का चिकित्सकीय परीक्षण एवं समुचित उपचार सुनिश्चित कराने तथा परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही पूर्व में दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्रों की भी जांच कराने का अनुरोध किया गया है। रूबी तिवारी ने कथित रूप से प्रशासन के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम उठाई होती तो शायद उनके पति की यह हालत न होती। अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें मामला सामने आने के बाद अब पुलिस जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे और लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है। घायल के चिकित्सकीय परीक्षण, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच और संबंधित पक्षों के बयान मामले की आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। खबर की तहतक मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर बनाए हुए है। डिस्क्लेमर: इस समाचार में उल्लेखित मारपीट, जानलेवा हमला, धमकी एवं अन्य आरोप पीड़िता रूबी तिवारी द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार लेखन के समय नहीं हुई है। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है। मामले की वास्तविकता पुलिस जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निर्धारित होगी। जब तक न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो, किसी भी आरोपित व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation दर्द से कराह रही गाय को मिला जीवनदान, डॉक्टर धर्मेंद्र यादव की सूझबूझ से सफल ऑपरेशन अलीगंज में गोवध प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई, चार गिरफ्तार; चार बुजुर्ग परिजनों के सुपुर्द