खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क वर्ष 2021 से अधिकारियों के चक्कर लगाने का दावा, तहसील परिसर में 14 सितंबर से धरने पर बैठीं पूर्णिमा पांडे जलालपुर, अंबेडकरनगर। एक अदद रास्ते की मांग… करीब 20 से 25 मीटर का रास्ता… और समाधान की आस में वर्षों से अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने का दावा। जब इंतजार लंबा होता गया तो पिंडोरिया निवासी पूर्णिमा पांडे ने अब अपनी मांग को लेकर जलालपुर तहसील परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पूर्णिमा पांडे वर्ष 2021 से रास्ते की समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखती आ रही हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसी के बाद उन्होंने 14 सितंबर 2026 से जलालपुर तहसील परिसर में भूख हड़ताल शुरू की। ‘रास्ता चाहिए’—मांग छोटी, इंतजार लंबा करीब 20–25 मीटर रास्ते की मांग को लेकर महिला के भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर जहां रास्ता किसी भी परिवार के लिए आवागमन की बुनियादी जरूरत है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा किए जाने का दावा प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर वह कौन-सा रास्ता है, जिसका विवाद वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है? क्या अभिलेखों और मौके की स्थिति की जांच कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है? कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर दिया समर्थन भूख हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे और पूर्णिमा पांडे की मांग का समर्थन किया। इस दौरान प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर महिला की मांग पर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। समर्थन देने वालों में कांग्रेस प्रवक्ता बृजेश सिंह यादव, सोशल मीडिया विधानसभा अध्यक्ष विवेक कुमार, विकलांग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष वीर बहादुर, विकलांग प्रकोष्ठ के मंडल अध्यक्ष राजेश वर्मा, विकलांग महागठबंधन अंबेडकरनगर के दुर्गेश मिश्रा, विवेक मिश्रा, श्री प्रकाश उर्फ बबलू, विमल कुमार, ललित गुप्ता, धर्मेंद्र तथा कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सुनील सिंह समेत अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है। अब प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें भूख हड़ताल के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्षों से लंबित बताई जा रही इस रास्ते की समस्या का समाधान कब और कैसे होगा। यदि संबंधित अभिलेख, राजस्व रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाती है तो विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। फिलहाल, एक महिला की 20–25 मीटर रास्ते की मांग और वर्षों से चले आ रहे संघर्ष ने प्रशासन के सामने जनसरोकार से जुड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। डिस्क्लेमर : ‘खबर की तहतक’ द्वारा प्रस्तुत यह समाचार उपलब्ध जानकारी एवं संबंधित पक्ष की ओर से प्राप्त दावों के आधार पर तैयार किया गया है। वर्ष 2021 से रास्ते की मांग किए जाने, भूख हड़ताल तथा रास्ते की लंबाई से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार प्रकाशन के समय उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूर्ण रूप से नहीं हुई है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। किसी व्यक्ति, अधिकारी, राजनीतिक दल अथवा संस्था पर लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना इस समाचार का उद्देश्य नहीं है। मामले में वास्तविक स्थिति संबंधित अभिलेखों, प्रशासनिक जांच एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्णय से ही स्पष्ट होगी। ‘खबर की तहतक’ का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े विषय को तथ्यात्मक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से सामने रखना है। खबर की तहतक | सही खबर • तेज नजर • जनहित की बात Follow us on YouTube channel 👇 Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation सिंहोंरिया-एकडंगा में रात के अंधेरे में चार हैंडपंप चोरी, ‘खाकी के डर’ पर उठे सवाल कुर्की बाजार मारपीट कांड: रामकिशुन की मौत के मामले में दो गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त दो डंडे बरामद