प्रसव के बाद प्रसूता की मौत से मचा कोहराम, अस्पताल के सामने शव रखकर परिजनों ने जताया आक्रोश

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – विकास कुमार

परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप, पुलिस ने समझाकर कराया शांत; पोस्टमार्टम से किया इनकार

जलालपुर, अम्बेडकरनगर।

जिस घर में कुछ दिन पहले नवजात के आने की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अचानक मातम पसर गया। प्रसव के बाद एक प्रसूता की हालत बिगड़ने और उपचार के दौरान मौत हो जाने से आक्रोशित परिजनों ने सोमवार को जलालपुर-नगपुर स्थित Dr. KNS.M हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के सामने पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने परिजनों को मामले की जांच कराए जाने तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया।

बच्चे को जन्म देने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद नगपुर निवासी रामरुप विश्वकर्मा की बेटी अंजलि विश्वकर्मा गर्भवती थीं। परिजनों के अनुसार उनका उपचार जलालपुर-नगपुर स्थित उक्त अस्पताल में चल रहा था। 30 अगस्त को प्रसव के लिए अंजलि को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के बाद उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के करीब तीन दिन बाद अस्पताल में पानी पीने के बाद अचानक अंजलि की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें अकबरपुर स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक उपचार चलने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

सोमवार को उपचार के दौरान अंजलि की मौत हो गई।

जिस अस्पताल में जन्मी उम्मीद, वहीं पहुंचा शव

अंजलि की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का दर्द और आक्रोश फूट पड़ा। वे शव को एंबुलेंस से लेकर जलालपुर-नगपुर स्थित उसी अस्पताल के सामने पहुंचे। आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखने और जाम लगाने का प्रयास किया। इससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना पर जलालपुर कोतवाल अजय प्रताप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम से परिजनों ने किया इनकार

पुलिस द्वारा शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की इच्छा जताई।

परिजनों के अनुसार, अंजलि का विवाह आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव निवासी राकेश विश्वकर्मा के साथ हुआ था। मौत के बाद परिजन अंजलि का शव अंतिम संस्कार के लिए निजामपुर गांव, आजमगढ़ लेकर चले गए।

अब जांच से सामने आएगा मौत का वास्तविक कारण

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रसव के बाद अंजलि की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और उनकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारण और लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एक ओर नवजात बच्चे के जन्म की खुशी थी, तो दूसरी ओर कुछ ही दिनों में मां की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। अब परिजनों की निगाह जांच पर है, ताकि सामने आ सके कि आखिर अंजलि की जिंदगी को बचाया क्यों नहीं जा सका।

— खबर की तहतक | निष्पक्ष खबर, तथ्य के साथ

डिस्क्लेमर:

यह समाचार परिजनों के आरोप, उपलब्ध जानकारी और पुलिस द्वारा मौके पर की गई कार्रवाई के आधार पर तैयार किया गया है। अस्पताल अथवा चिकित्सकीय स्टाफ पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय नहीं हुई है। प्रसूता की मृत्यु का वास्तविक चिकित्सकीय कारण सक्षम चिकित्सकीय/जांच प्रक्रिया से ही स्पष्ट हो सकेगा। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाना उचित होगा। किसी व्यक्ति अथवा संस्था को दोषी ठहराना इस समाचार का उद्देश्य नहीं है; जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और सक्षम प्राधिकारी/न्यायालय के निष्कर्षों के आधार पर होगा।

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